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हर तीसरा पद खाली, चौथाई स्टाफ आउटसोर्स भरोसे, NTA की असली तस्वीर संसद ने दिखाई

नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) देशभर के युवाओं के निशाने पर है। NEET UG पेपर लीक मामले को लेकर दिल्ली में प्रदर्शन कर रहे छात्रों का कहना है कि नेशनल टेस्टिंग एजेंसी का काम संदिग्ध है, धर्मेंद्र प्रधान पेपर लीक केस में बुरे घिरे हैं। प्रदर्शनकारी हर हाल में उनका इस्तीफा चाहते हैं। विपक्ष भी लगातार धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे का दबाव सरकार पर बना रहा है। चौतरफा सबके निशाने पर घिरे NTA की सबसे बड़ी त्रासदी यह है कि संस्था के पास पर्याप्त स्टाफ ही नहीं हैं।

राज्यसभा में डॉ. वी. शिवदासन ने शिक्षा मंत्रालय से 22 जुलाई 2026 को सवाल पूछा। उन्होंने सरकार से पूछा कि NTA में स्थाई पदों पर कितने लोग तैनात हैं, पद के अनुसार संविदा पर कितने कर्मचारी हैं, बीते 5 साल में कौन सी परीक्षाएं कराई गईं हैं, रजिस्ट्रेशन फीस कितना जुटाया गया है, खर्च कितना हुआ है। सदन में शिक्षा मंत्रालय ने इन सवालों पर सरकार का पक्ष रखा है।

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कितने नियमित कर्मचारी हैं?

NTA में कुल 39 स्थायी पद हैं, जो डेप्युटेशन से भरे जाते हैं। NTA के पास अपने अधिकारी नहीं हैं, दूसरे विभागों से आए अधिकारी इसे चला रहे हैं। सरकार ने NTA को मजबूत करने के लिए 16 नए पदों को गठित किया है। 16 पदों में से 8 डायरेक्टर स्तर पर, 8 ज्वाइंट डायरेक्टर स्तर पर भर्ती की गई है।

मौजूदा स्थायी स्टाफ में कौन-कौन शामिल है?

  • डायरेक्टर जनरल – 1
  • ज्वाइंट सेक्रेटरी – 2
  • डायरेक्टर (लेवल 14 और 13)– कुल 8
  • ज्वाइंट डायरेक्टर/रिसर्च साइंटिस्ट– 6
  • डिप्टी डायरेक्टर– 3
  • असिस्टेंट डायरेक्टर– 2
  • सीनियर सुपरिटेंडेंट– 2

कॉन्ट्रैक्ट और आउटसोर्स पर कितने स्टाफ हैं?

जरूरत के हिसाब से 73 लोग कॉन्ट्रैक्ट पर रखे गए हैं। कॉन्ट्रेक्ट के पदों में कंसल्टेंट, एडवाइजर, यंग प्रोफेशनल्स जैसे पद हैं। 124 लोग आउटसोर्स किए गए हैं, जो डेटा एनालिस्ट, हाउसकीपिंग जैसे कुछ कामों में जुड़े हैं। परीक्षाओं के दौरान NTA राज्यों, केंद्रीय विद्यालयों, नवोदय विद्यालयों की मदद से ऑब्जर्वर, सिटी कोऑर्डिनेटर, सेंटर सुपरवाइजर जैसे अस्थायी स्टाफ भी लगाती है।

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NTA का ट्रैक रिकॉर्ड कैसा है?

2018 में बनने के बाद से NTA अब तक 270 से ज्यादा परीक्षाएं करा चुकी है, जिनमें 6.6 करोड़ से ज्यादा रजिस्ट्रेशन हुए हैं। सिर्फ 2026 में अब तक 12 परीक्षाएं, जिनमें 65 लाख से ज्यादा रजिस्ट्रेशन हुए।

नया हंगामा क्यों?

NEET (UG) 2026 परीक्षा 3 मई 2026 को 5,432 सेंटरों, 565 शहरों और 13 भाषाओं में हुई थी। इसी परीक्षा का पेपर लीक हुआ था। दोबारा परीक्षा 21 जून 2026 को आयोजित की गई, और उसका रिजल्ट 16 जुलाई 2026 जारी हो गया है।

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NTA का खर्च और कमाई कितनी है?

  • साल 2019-20 में आमदनी 504 करोड़ रुपये हुई, 440 करोड़ खर्च हुए।
  • 2020-21 में 515 करोड़ की कमाई हुई 436 करोड़ खर्च हुए।
  • 2021-22 में 508 करोड़ रुपये की कमाई हुई, 427 करोड़ रुपये खर्च हुए।
  • 2022-23 में 900 करोड़ रुपये कमाई हुई, 682 करोड़ खर्च हुए। \2023-24 में 1,117 करोड़ रुपये की कमाई हुई, 1,041 करोड़ रुपये खर्च हुए।

सवाल क्यों उठ रहे हैं?

साल 2022-23 और 2023-24 में NTA की आमदनी और खर्च दोनों में तेज उछाल आया है। परीक्षाओं का दायरा भी बढ़ा है। लागत में इजाफा हुआ है। NTA के सामने चुनौती है कि स्थाई स्टाफ बहुत कम है, ज्यादातर कॉन्ट्रैक्ट, आउटसोर्सिंग और अस्थाई फील्ड स्टाफ के भरोसे चलता है। यह तब हो रहा है, जब नेशनल टेस्टिंग एजेंसी हर साल लाखों-करोड़ों छात्रों की बड़ी परीक्षाएं संभालती है। बीते कुछ साल में कई बार पेपर लीक हुआ है।

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