लखनऊ। भारत सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा देश में फार्मेसी शिक्षा, पंजीकरण एवं पेशेवर नियमन को आधुनिक स्वरूप प्रदान करने के उद्देश्य से फार्मेसी एक्ट, 1948 के स्थान पर नेशनल फार्मेसी कमीशन बिल, 2026 का प्रारूप सार्वजनिक किया गया है। ये जानकारी सुनील कुमार यादव ने दी।
सोमवार को फार्मासिस्ट फेडरेशन के अध्यक्ष सुनील कुमार यादव ने बताया कि यह प्रस्ताव देशभर के अनुभवी विशेषज्ञों के सामूहिक विमर्श का परिणाम है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि भारत सरकार इन सुझावों पर सकारात्मक विचार कर एक ऐसा नेशनल फार्मेसी कमीशन अधिनियम लागू करेगी, जो फार्मेसी शिक्षा, पेशेवर अभ्यास, रोगी सुरक्षा, सुशासन तथा जनस्वास्थ्य को और अधिक सुदृढ़ करेगा। उन्होंने बताया कि इस सुझाव-पत्र के निर्माण में डॉ. हरलोकेश यादव के मार्गदर्शन में फेडरेशन के सलाहकार प्रो. प्रकाश वी. दीवान, प्रो. मंदीप अरोरा, प्रो. अनिल कुमार, डॉ. आर. एस. ठाकुर एवं डॉ. विशाल विश्वकर्मा सहित अनेक वरिष्ठ विशेषज्ञों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। महामंत्री अशोक कुमार, वरिष्ठ उपाध्यक्ष जे पी नायक, संगठन मंत्री आर पी सिंह, उपाध्यक्ष राजेश सिंह ने सभी का धन्यवाद किया ।
फार्मासिस्ट फेडरेशन ने सरकार को भेजे सुझाव
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