लखनऊ। विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति ने कहा है कि प्रदेश में बिजली कर्मियों की संख्या लगातार कम होती जा रही है, इसके बावजूद बिजली कर्मचारी पूरी निष्ठा और जिम्मेदारी के साथ उपभोक्ताओं की समस्याओं के समाधान, बिजली उपकेंद्रों के संचालन, निर्बाध बिजली आपूर्ति तथा आकस्मिक परिस्थितियों से निपटने का कार्य लगातार कर रहे हैं। इसके साथ ही पवित्र श्रावण माह में कांवड़ यात्रा के दौरान 12-12 घंटे की ड्यूटी भी बिजली कर्मी पूरी प्रतिबद्धता के साथ निभा रहे हैं। संघर्ष समिति ने कहा कि बिजली कर्मियों के लिए यह केवल नौकरी नहीं बल्कि जनसेवा का दायित्व है। बिजली उपकेंद्रों पर उपभोक्ताओं की शिकायतों का समाधान करने से लेकर गलत बिल ठीक कराने,खराब मीटर बदलने, नए कनेक्शन, विद्युत आपूर्ति बनाए रखने और स्थानीय स्तर पर उत्पन्न होने वाली तकनीकी समस्याओं के समाधान तक—बिजली कर्मी सीमित संख्या में लगातार अतिरिक्त कार्यभार उठा रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश भर के विभिन्न विद्युत उपकेंद्रों पर उपभोक्ताओं की समस्याओं के समाधान के लिए विशेष बिजली शिविर लगाए जा रहे हैं। यह पहल स्वागत योग्य है, लेकिन इससे यह भी स्पष्ट होता है कि बिजली कर्मियों पर उपभोक्ता सेवाओं का अतिरिक्त दायित्व लगातार बढ़ रहा है। उपभोक्ताओं की समस्याओं का त्वरित समाधान तभी संभव है जब पर्याप्त संख्या में बिजली कर्मी उपलब्ध हों। संघर्ष समिति ने कहा कि पवित्र श्रावण माह में प्रदेश में बड़ी संख्या में श्रद्धालु कांवड़ यात्रा पर निकल रहे हैं। मुख्यमंत्री के निर्देश पर बिजली कर्मी यह सुनिश्चित करने में जुटे हैं कि कांवड़ यात्रियों एवं श्रद्धालुओं को बिजली के कारण किसी भी प्रकार की असुविधा न हो।
उत्पीड़नात्मक कार्यवाहियों को समाप्त कर संवेदनशीलता का परिचय दे प्रबंधन :संघर्ष समिति
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