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‘जिसे कुत्ता भी नहीं पूछता…’: देवेंद्र फडणवीस के बयान पर मचा सियासी बवाल

मुंबई: मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे के Missing Link प्रोजेक्ट को लेकर महाराष्ट्र की राजनीति गरमा गई है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की एक टिप्पणी पर विपक्ष ने तीखी प्रतिक्रिया दी है, वहीं महायुति गठबंधन के सहयोगी दल NCP ने भी परियोजना की गुणवत्ता और निर्माण प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं।

विवाद उस समय शुरू हुआ जब सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो में फडणवीस कथित तौर पर कहते नजर आए, “जिन्हें कुत्ता भी नहीं पूछता, वे आजकल सोशल मीडिया पर आकर सभी को गालियां देते हैं, मुख्यमंत्री को भी गालियां देते हैं।” उन्होंने यह भी कहा कि कुछ लोग पैसे लेकर मुंबई-पुणे Missing Link परियोजना को बदनाम कर रहे हैं और महाराष्ट्र का अपमान करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।

विपक्ष ने साधा निशाना

शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के सांसद संजय राउत ने मुख्यमंत्री के बयान को अहंकार और असफलता का प्रतीक बताते हुए कहा कि सरकार आलोचना दबाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि महाराष्ट्र में असहमति की आवाजों को कुचलने का प्रयास हो रहा है।

महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) प्रमुख राज ठाकरे ने भी कहा कि किसी सरकारी परियोजना पर सवाल उठाना महाराष्ट्र का अपमान नहीं है। उनके मुताबिक सरकार की आलोचना और राज्य की आलोचना दोनों अलग-अलग बातें हैं।

शिवसेना (UBT) की नेता सुषमा अंधारे ने कहा कि जनता सरकार से सवाल पूछ रही है, महाराष्ट्र से नहीं। उन्होंने कहा कि करदाताओं को सार्वजनिक परियोजनाओं की गुणवत्ता पर सवाल उठाने का पूरा अधिकार है।

सहयोगी NCP ने भी उठाए सवाल

विवाद केवल विपक्ष तक सीमित नहीं रहा। महायुति सरकार के सहयोगी NCP विधायक संजय बनसोड ने भी परियोजना की गुणवत्ता पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि पहली ही भारी बारिश में सुरंग के प्रवेश द्वार के पास नुकसान हुआ, जिससे निर्माण कार्य की गुणवत्ता और निगरानी पर गंभीर प्रश्न खड़े होते हैं।

उन्होंने परियोजना की स्वतंत्र तकनीकी जांच कराने और निर्माण में कथित लापरवाही की जिम्मेदारी तय करने की मांग की।

क्या है पूरा मामला?

करीब 6,695 करोड़ रुपये की लागत से तैयार मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे Missing Link परियोजना का उद्घाटन मई 2026 में किया गया था। हाल ही में भारी बारिश के दौरान भूस्खलन की घटना के बाद मार्ग को अस्थायी रूप से बंद करना पड़ा। इस हादसे में एक ही परिवार के तीन लोगों की मौत हो गई।

महाराष्ट्र स्टेट रोड डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (MSRDC) ने इसे ‘प्राकृतिक आपदा (Act of God)’ बताया है और कहा है कि सुरंग की मुख्य संरचना सुरक्षित है। हालांकि घटना के बाद परियोजना की गुणवत्ता और सुरक्षा को लेकर राजनीतिक विवाद तेज हो गया है।

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