
कौशाम्बी।जिले के विकास भवन स्थित सरस हाल में शुक्रवार को “नारी शक्ति वंदन” अधिनियम विषय पर एक महत्वपूर्ण प्रेस वार्ता आयोजित की गई। इस दौरान भाजपा नेत्री डॉ. नीतू कनौजिया ने मीडिया प्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए इसे देश की मातृशक्ति को समर्पित एक ऐतिहासिक कदम बताया।उन्होंने कहा कि भारत की संसद द्वारा पारित “नारी शक्ति वंदन” अधिनियम महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा और सशक्तिकरण की दिशा में मील का पत्थर है। प्रधानमंत्री Narendra Modi के नेतृत्व में संसद में 131वां संविधान संशोधन विधेयक (2026) प्रस्तुत किया गया है, जो सरकार की प्रतिबद्धता को स्पष्ट करता है।डॉ. कनौजिया ने बताया कि इस अधिनियम के तहत लोकसभा एवं राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान किया गया है। साथ ही, सीटों के परिसीमन के बाद इसे लागू किया जाएगा, जिससे प्रक्रिया में पारदर्शिता और संतुलन सुनिश्चित हो सके।उन्होंने कहा कि यह निर्णय महिलाओं को न केवल राजनीतिक रूप से सशक्त बनाएगा, बल्कि उन्हें नीति निर्माण और शासन व्यवस्था में निर्णायक भूमिका निभाने का अवसर भी प्रदान करेगा। देश के समग्र विकास में महिलाओं की भागीदारी को अनिवार्य बताते हुए उन्होंने इसे लोकतंत्र को अधिक प्रतिनिधिक और मजबूत बनाने वाला कदम बताया।डॉ. कनौजिया ने केंद्र सरकार की विभिन्न योजनाओं—जैसे बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ और उज्ज्वला योजना—का उल्लेख करते हुए कहा कि इन पहलों से महिलाओं के जीवन स्तर में व्यापक सुधार हुआ है। “नारी शक्ति वंदन” अधिनियम इन प्रयासों को नई दिशा और मजबूती प्रदान करेगा।उन्होंने कहा कि यह कानून सामाजिक न्याय और समान अवसर के सिद्धांत को सुदृढ़ करता है और देश की लाखों प्रतिभाशाली महिलाओं को राजनीति में आगे आने का अवसर देगा। अंत में उन्होंने देश की सभी माताओं, बहनों और बेटियों को इस ऐतिहासिक उपलब्धि के लिए बधाई देते हुए कहा कि यह केवल एक कानून नहीं, बल्कि “नारी सम्मान, नारी अधिकार और नारी सशक्तिकरण” का सशक्त प्रतीक है।












