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अयोध्या राम मंदिर चंदा प्रकरण को लेकर उपजा विवाद लगातार गहराता जा रहा है। शुक्रवार को हरैया तहसील परिसर में हरैया बार एसोसिएशन के बैनर तले अधिवक्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने पूरे प्रकरण की केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) से उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग की। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि राम मंदिर देश के करोड़ों लोगों की अटूट आस्था और श्रद्धा का केंद्र है। ऐसे में इस संवेदनशील मामले में किसी भी प्रकार का वित्तीय संदेह या पारदर्शिता की कमी करोड़ों लोगों की भावनाओं को सीधे तौर पर आहत करती है। अधिवक्ताओं ने दो टूक शब्दों में कहा कि इस पूरे प्रकरण के पीछे की सच्चाई सामने लाने के लिए एक निष्पक्ष और पारदर्शी जांच अत्यंत आवश्यक है, ताकि दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके। मामले की गंभीरता को रेखांकित करते हुए बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष उमाकांत तिवारी ने कहा कि आस्था से जुड़े किसी भी विषय में जवाबदेही सबसे ऊपर होनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि समाज में फैले भ्रम को दूर करने के लिए सीबीआई जांच ही एकमात्र विश्वसनीय जरिया है। अधिवक्ताओं ने प्रशासन और सरकार को चेतावनी देते हुए साफ किया कि यदि इस मामले की समय रहते निष्पक्ष जांच नहीं कराई गई, तो वे अपने इस आंदोलन को और अधिक तेज तथा व्यापक रूप देने के लिए बाध्य होंगे। इस प्रदर्शन में हरैया बार एसोसिएशन के अध्यक्ष माधव प्रसाद त्रिपाठी, महामंत्री बलदेव पाठक, पूर्व अध्यक्ष उमाकांत तिवारी सहित अरुण त्रिपाठी, इंद्रजीत सिंह, संजीव मिश्रा, बालकृष्ण पांडेय, अजय सिंह, सोनू, यशवंत सिंह, महावीर दुबे, शुभनंदन पांडेय, राम सिंह गौड़, कृपा शंकर यादव और अजय गौतम जैसे वरिष्ठ व युवा अधिवक्ताओं ने सक्रिय रूप से भाग लिया।
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राम मंदिर चंदा विवाद पर अधिवक्ताओं का प्रदर्शन:बस्ती के हरैया तहसील में CBI जांच की मांग, सरकार को चेतावनी
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