सिद्धार्थनगर के खेसरहा क्षेत्र स्थित भलूहा गांव में रेलवे विभाग ने दो मकान मालिकों को एक सप्ताह के भीतर घर खाली करने का नोटिस जारी किया है। यह नोटिस खलीलाबाद-बलरामपुर रेल मार्ग निर्माण परियोजना के तहत दिया गया है। नोटिस मिलने के बाद प्रभावित परिवारों में अनिश्चितता की स्थिति बन गई है। रेलवे विभाग द्वारा जारी नोटिस में मकान मालिकों को निर्धारित समय सीमा में घर खाली करने का निर्देश दिया गया है। इसमें यह भी चेतावनी दी गई है कि समय पर मकान खाली न करने पर भवन को हटाने की कार्रवाई की जा सकती है। हालांकि, प्रभावित परिवारों का आरोप है कि उन्हें अभी तक भवन का मुआवजा नहीं मिला है, जबकि नोटिस में मुआवजे का उल्लेख किया गया है। गांव के निवासी गणेश, जगराम, राकेश और स्वर्गीय महात्मा के परिवार के मकान प्रस्तावित रेल मार्ग के दायरे में आ रहे हैं। प्रभावित परिवारों का कहना है कि कुछ लोगों को भूमि का मुआवजा मिल चुका है, लेकिन मकानों का भुगतान अभी तक नहीं हुआ है। ऐसे में अचानक घर खाली करने का नोटिस मिलने से उनके सामने आवास का संकट उत्पन्न हो गया है। गणेश ने बताया कि बरसात का मौसम शुरू होने वाला है। इस स्थिति में घर टूटने पर परिवार के रहने की समस्या गंभीर हो सकती है। पुष्पा देवी ने कहा कि बिना मुआवजा मिले घर छोड़ना उनके लिए संभव नहीं है और इस नोटिस से पूरा परिवार चिंतित है। प्रशासनिक अधिकारियों ने इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि आवश्यक दस्तावेज जमा होते ही मुआवजे की प्रक्रिया पूरी कर दी जाएगी। उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि मुआवजा भुगतान से पहले प्रभावित परिवारों के साथ कोई अन्याय नहीं होगा। रेलवे परियोजना से प्रभावित परिवार अब इस समस्या के शीघ्र समाधान की मांग कर रहे हैं।
रेलवे ने मुआवजा से पहले मकान खाली करने का दिया:सिद्धार्थनगर में विकासखंड खेसरहा के भलूहा गांव में दो परिवारों को घर छोड़ने का निर्देश
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