- दुर्घटनाओ को रोकने के लिए ब्लैक स्पॉट किये गये चिन्हित
लखनऊ। सोमवार मंडलायुक्त लखनऊविजय विश्वास पंत ने 2026 में 01 जनवरी, 2026 से 31 मई, 2026 तक हुई सड़क दुर्घटनाओं तथा घायलों एवं मृतकों की संख्या की समीक्षा की गई। समीक्षा के दौरान पाया गया कि चालू वर्ष में माह, 2026 तक गत वर्ष के सापेक्ष लखनऊ मंडल में सड़क दुर्घटनाओं की संख्या में 1.9% मृतकों की संख्या में 3.5% एवं घायलों की संख्या में 6.3% की वृद्धि पाई गई।
सड़क दुर्घटना की संख्या में सर्वाधिक वृद्धि लखीमपुर खीरी में 18.7% तथा लखनऊ में 17.7% पाई गई। मृतकों की संख्या में भी सर्वाधिक वृद्धि लखनऊ में 18.5% तथा जनपद लखीमपुर खीरी में 17.0 % पाई गई। घायलों की संख्या में भी लखनऊ जिले में सर्वाधिक वृद्धि 38.9% तथा जनपद उन्नाव में 7.1% पाई गई। रायबरेली, सीतापुर एवं हरदोई में सड़क दुर्घटनाओं एवं मृतकों की संख्या में कमी दर्ज की गई।

ब्लैक स्पॉट्स की समीक्षा करने पर पाया गया कि वर्ष 2024 में कुल 204 ब्लैक स्पॉट चिन्हित किए गए थे जिसमें राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के 106 तथा लोक निर्माण विभाग के 98 ब्लैक स्पॉट्स थे। सभी ब्लैक स्पॉट्स का कार्य पूर्ण कर लिया गया है। वर्ष 2025 में कुल 273 ब्लैक स्पॉट्स चिन्हित किए गए थे जिनमें राष्ट्रीय राज्यमार्ग प्राधिकरण के 98, राष्ट्रीय राजमार्ग के 21 तथा अन्य संस्थाओं के 04 ब्लैक स्पॉट्स चिन्हित थे, जिसमें सभी में कार्य पूर्ण किया जा चुका है।
लोक निर्माण विभाग के 150 ब्लैक स्पॉट्स चिन्हित किए गए थे जिनमें 83 ब्लैक स्पॉट्स मे स्वीकृति प्राप्त हुई है जिसके सापेक्ष 46 ब्लैक स्पॉट्स पर कार्य पूर्ण किया गया है। इस प्रकार पीडब्ल्यूडी के 104 ब्लैक स्पॉट्स पर कर पूर्ण होना अवशेष है। आयुक्त, लखनऊ मंडल ने निर्देश दिए कि प्राथमिकता के आधार पर लंबित ब्लैक स्पॉट्स पर कार्य पूर्ण किया जाए। टोल प्लाजा से प्राप्त ओवरलोड वाहनों की सूची के आधार पर चालान की कार्यवाही की समीक्षा करने पर बताया कि टोल प्लाजा द्वारा माह मार्च, 2026 के पश्चात ओवरलोड वालों की सूची नहीं उपलब्ध कराई जा रही है।
माह दिसंबर, 2025 से मार्च 2026 तक प्राप्त सूची में लखनऊ, सीतापुर एवं उन्नाव द्वारा संयुक्त रूप से 1593 वाहनों का चालान करते हुए रु0 10 करोड़ 70 लाख आरोपित किया गया है। आयुक्त, लखनऊ मंडल द्वारा निर्देश दिए गए कि इस संबंध में चेयरमैन, राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण, नई दिल्ली तथा परिवहन आयुक्त को अर्धशासकीय पत्र जारी कराया जाए। राहवीर योजना की समीक्षा किए जाने पर पाया गया कि वर्ष 2025 में लखनऊ मंडल के सभी जिलों में मिलाकर कुल 14 प्रस्ताव प्राप्त हुए थे जो स्वीकृत हो चुके हैं। वर्ष 2026 में माह मई तक लखनऊ मंडल में कुल 04 प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं जिसमें लखनऊ जिले में 02 प्रस्ताव तथा सीतापुर जिले में 02 प्रस्ताव हुए है।
मंडलायुक्त लखनऊ ने निर्देश दिया है कि योजना का व्यापक प्रचार प्रचार किए जाने के साथ ही चिकित्सा विभाग द्वारा प्रत्येक अस्पताल में योजना के प्रचार प्रसार के साथ ऐसी व्यवस्था बनाई जाए कि घायल व्यक्तियों की मदद करने वाले व्यक्तियों का लेखा-जोखा प्रत्येक दशा में अस्पताल में दर्ज किया जाए एवं राहवीर योजना के अंदर प्रकरण आने पर पुलिस विभाग से सत्यापन कराते हुए जिला अप्रेजल कमेटी को भेजा जाए। अज्ञात वाहन की टक्कर से घटित सड़क दुर्घटना (हिट रद्द रन योजना) की समीक्षा करने में पाया गया कि लखनऊ मंडल में वर्ष 2025 में कुल 221 प्रकरण प्राप्त हुए थे जिनमें 125 प्रकरण निस्तारित किए गए एवं 96 प्रकरण लंबित है, इसी प्रकार वर्ष 2026 में 124 प्रकरण प्राप्त हुए जिनमें से 73 प्रकरण निस्तारित हुए एवं 51 प्रकरण लंबित पाए गए।
जनपदवार समीक्षा किए जाने पर सर्वाधिक 98 प्रकरण वर्ष 2025 में जनपद हरदोई में प्राप्त हुए हैं जिसके सापेक्ष 21 प्रकरणों का निस्तारण किया गया तथा 77 प्रकरण लंबित पाए गए। इसी प्रकार वर्ष 2026 में भी जनपद हरदोई में 37 प्रकरण प्राप्त हुए जिसके सापेक्ष केवल 02 प्रकरण निस्तारित हुए। इस प्रकार वर्ष 2026 के 35 प्रकरण लंबित पाए गए। वर्ष 2026 में जनपद लखनऊ में 51 प्रकरण प्राप्त हुए जिसके सापेक्ष 43 प्रकरण निस्तारित हुए एवं 08 प्रकरण लंबित पाए गए।
आयुक्त, लखनऊ मंडल द्वारा निर्देश दिए गए कि पुलिस विभाग के माध्यम से अज्ञात वाहनों की श्रेणी में दर्ज प्रकरणों का विवरण प्राप्त किया जाए और यह देखा जाए की प्राप्त अज्ञात प्रकरणों के सापेक्ष कितने आवेदन जनपद में प्राप्त हो रहे हैं। हिट एंड रन प्रकरणों के निस्तारण की समीक्षा के दौरान पाया गया कि प्राप्त प्रकरणों के निस्तारण में कई जनपदों में 1 वर्ष से अधिक समय लग जा रहा है। इस पर आयुक्त, लखनऊ मंडल द्वारा निर्देश दिए गए कि सभी जनपद हित एंड रन योजना के तहत प्राप्त प्रकरणों का समय से निस्तारण सुनिश्चित करें।
साथ ही मंडल के सभी उप जिलाधिकारियो को इस आशय का पत्र जारी कराने के निर्देश दिए गए की जिस भी तहसील में अधिक समय से प्रकरण लंबित पाया जाएगा वहां के उप जिलाधिकारी इसके लिए सीधे उत्तरदाई होंगे। सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्तियों की कैशलेस योजना के तहत उपचार की प्रगति की समीक्षा में पाया गया कि केवल जनपद हरदोई में 02 लाभार्थियों को कैशलेस योजना के तहत चिकित्सा सुविधा प्रदान की गई है। शेष जनपदों में किसी व्यक्ति को योजना के तहत कैशलेस उपचार नहीं प्रदान किया गया। हरदोई जनपद जनपद द्वारा अवगत कराया गया कि जनपद हरदोई में 08 लाभार्थियों को अभी तक कैशलेस सुविधा प्रदान की जा चुकी है जिसका विवरण e–DAR ऐप पर भी उपलब्ध है।
आयुक्त, लखनऊ मंडल द्वारा निर्देश दिए गए की अन्य जनपदों में भी वार्ता कर कैशलेस योजना के तहत सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्तियों को कैशलेस योजना के तहत चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाए। 01 या 01 से अधिक मृत्यु वाली सड़क दुर्घटनाओं में चालकों के ड्राइविंग लाइसेंस के विरुद्ध कार्रवाई की समीक्षा में पाया गया कि लखनऊ मंडल के सभी जनपदों में सड़क दुर्घटनाओं के सापेक्ष काफी कम संख्या में चालकों के ड्राइविंग लाइसेंस के विरुद्ध कार्रवाई हुई है।
दिनांक 01 जनवरी, 2026 से 15 जून, 2026 तक कुल 1103 सड़क दुर्घटनाओं के सापेक्ष केवल 58 चालकों के ड्राइविंग लाइसेंस निलंबन/निरस्तीकरण की कार्यवाही की गई है तथा धारा 19 के तहत 222 नोटिस एवं धारा 133 के तहत 464 नोटिस जारी किए गए हैं। आयुक्त, लखनऊ मंडल द्वारा निर्देश दिए गए कि उक्त सूचनाओं को पुनः परीक्षण कर लिया जाए तथा वास्तविक सूचना उपलब्ध कराई जाए ताकि उक्त प्रकरण पर अग्रेतर कार्यवाही सुनिश्चित की जाए।
उक्त बैठक में पुलिस उपायुक्त (यातायात) रवीना त्यागी, एडीएम (सिटी) लखनऊ एमपी सिंह, आरटीओ (प्रवर्तन) लखनऊ संभाग प्रभात पाण्डेय, परियोजना निदेशक NHAI नकुल प्रसाद वर्मा, अधीक्षण अभियंता लोक निर्माण विभाग लखनऊ वृत्त जेपी सिंह, अधीक्षण अभियंता लोक निर्माण विभाग उन्नाव वृत्त एन के वर्मा, अधीक्षण अभियंता लोक निर्माण विभाग सीतापुर वृत्त सतीश कुमार, मुख्य सुरक्षा अधिकारी UPEIDA ओम प्रकाश, मुख्य सुरक्षा अधिकारी यूपीडा रमेश चंद दुबे, मुख्य सुरक्षा अधिकारी यूपीडा पीके अवस्थी, संयुक्त निदेशक (माध्यमिक शिक्षा) प्रदीप कुमार, प्रबंधक (तकनीकी) NHAI ए एम त्रिपाठी, अधिशाषी अभियंता यूपीडा राजेश कुमार तिवारी, डिविजनल सर्विलांस ऑफिसर स्वास्थ्य विभाग डॉक्टर उमेश सचान, अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी, सीएमओ ऑफिस लखनऊ डॉक्टर एके श्रीवास्तव, आर एम रोडवेज लखनऊ क्षेत्र विमल राजन, एआरएम रोडवेज, लखनऊ जितेंद्र कुमार, एआरटीओ (प्रवर्तन) लखनऊ आलोक कुमार यादव, अधिशाषी अभियंता, लखनऊ नगर निगम नजमी मुजफ्फर, अध्यक्ष ई रिक्शा कल्याण समिति मयंक श्रीवास्तव के साथ ही लखनऊ मंडल के सभी जनपदों के प्रशासन, पुलिस, चिकित्सा, लोक निर्माण विभाग, शिक्षा एवं परिवहन विभाग के अधिकारियों ने ऑनलाइन माध्यम से बैठक में मौजूद रहे।












