ग्राम सभा केदारपुरवा में पिछले सात दिनों से चल रही श्रीमद् भागवत महापुराण कथा का विधिवत समापन हो गया। कथा व्यास पंडित गिरिजा शंकर महाराज के प्रवचनों के साथ कथा का समापन हुआ, जिसके बाद विशाल भंडारे का आयोजन किया गया। अंतिम दिवस की कथा में सुदामा चरित्र, परीक्षित मोक्ष और श्रीकृष्ण-रुक्मिणी विवाह का मार्मिक वर्णन किया गया, जिसे सुनकर श्रोतागण मंत्रमुग्ध हो गए। कथा के उपरांत हवन-पूजन, पूर्णाहुति और आरती की गई। पंडित गिरिजा शंकर महाराज ने सभी भक्तों को आशीर्वाद देते हुए कहा कि भागवत श्रवण से जीवन धन्य होता है और कलियुग में यही सबसे बड़ा धर्म है। समापन पर आयोजित भंडारे में पूड़ी, सब्जी, बूंदी, हलवा और खीर का प्रसाद वितरित किया गया। केदारपुरवा, उदवापुर सहित दूर-दराज के गांवों से आए हजारों श्रद्धालुओं ने पंक्तिबद्ध होकर प्रसाद ग्रहण किया। इस दौरान ‘अन्नदाता सुखी भव’ और ‘राधे-राधे’ के जयकारों से पूरा क्षेत्र गूंज उठा। आयोजक मंडल और ग्रामवासियों ने सभी सहयोगियों, भंडारे में सेवा देने वाले युवाओं और बाहर से पधारे भक्तों के प्रति आभार व्यक्त किया। सात दिवसीय कथा के सफल आयोजन पर पूरे गांव में उत्साह का वातावरण देखा गया।
बहराइच के केदारपुरवा में श्रीमद् भागवत कथा संपन्न:अंतिम दिन विशाल भंडारे का आयोजन, हजारों भक्तों ने लिया प्रसाद
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