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जौहर विश्वविद्यालय के 38 भवनों के ध्वस्तीकरण पर रोक की:सपा अल्पसंख्यक सभा ने राज्यपाल के नाम भेजा ज्ञापन

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बस्ती में समाजवादी पार्टी अल्पसंख्यक सभा ने सोमवार को मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय, रामपुर के 38 भवनों को ध्वस्त किए जाने की प्रस्तावित कार्रवाई का विरोध किया। सभा ने राज्यपाल को संबोधित एक ज्ञापन जिला प्रशासन के माध्यम से सौंपा। दोपहर करीब 12 बजे जिलाध्यक्ष इरशाद अहमद खान के नेतृत्व में पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता कलेक्ट्रेट पहुंचे। उन्होंने प्रशासनिक अधिकारी को ज्ञापन सौंपकर ध्वस्तीकरण आदेश पर तत्काल रोक लगाने तथा मामले का निष्पक्ष एवं विधिसम्मत समाधान सुनिश्चित करने की मांग की।
ज्ञापन में कहा गया कि विश्वविद्यालय के भवनों को ध्वस्त करने की कार्रवाई हजारों विद्यार्थियों, शिक्षकों, कर्मचारियों और स्थानीय नागरिकों के भविष्य से जुड़ा एक गंभीर विषय है। किसी भी प्रशासनिक या कानूनी कार्रवाई को संविधान, कानून और प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों के अनुरूप किया जाना चाहिए। सभा ने तर्क दिया कि यदि भूमि या निर्माण से संबंधित कोई विवाद है, तो उसका समाधान विधिक प्रक्रिया के तहत किया जाए, ताकि शिक्षा व्यवस्था और छात्रों के हित प्रभावित न हों। ज्ञापन सौंपने के बाद जिलाध्यक्ष इरशाद अहमद खान ने कहा कि मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय से हजारों छात्रों का भविष्य जुड़ा है। ऐसे में भवनों को ध्वस्त करने का निर्णय छात्र और शिक्षा विरोधी है। उन्होंने सरकार से तत्काल इस आदेश पर रोक लगाने की मांग की। खान ने यह भी बताया कि विश्वविद्यालय का निर्माण उस समय हुआ था, जब संबंधित क्षेत्र ग्राम सींगनखेड़ा ग्राम पंचायत के अंतर्गत था और निर्माण के लिए किसी विशेष अनुमति की आवश्यकता नहीं थी। बाद में इस क्षेत्र को रामपुर विकास प्राधिकरण में शामिल किया गया। ज्ञापन में आरोप लगाया गया कि 38 भवनों को ध्वस्त करने का आदेश शिक्षा हित में नहीं, बल्कि राजनीतिक दुर्भावना से प्रेरित है। इस दौरान मोहम्मद स्वालेह, कैश मोहम्मद, विजय विक्रम आर्य, जावेद पिंडारी, गुलाबचंद सोनकर, संजय गौतम, प्रवीण पाठक, राहुल सिंह, निसार अहमद, मौलाना फिरोज अहमद सहित बड़ी संख्या में सपा अल्पसंख्यक सभा के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे।
#बस्ती न्यूज़ टुडे

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