रीवा। मध्य प्रदेश के रीवा जिले के चोरहटा थाना क्षेत्र में सोमवार को सड़क निर्माण कार्य के दौरान एक निजी कंपनी के सुपरवाइजर की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। घटना के बाद परिजनों ने इसे हादसा मानने से इनकार करते हुए हत्या की आशंका जताई और रौसर बाइपास पर जाम लगाकर विरोध प्रदर्शन किया।
जानकारी के अनुसार, सड़क निर्माण कार्य से जुड़े सुपरवाइजर रामनिवास कोरी की रौसर बाइपास के समीप डंपर के नीचे आने से मौत हो गई। घटना किन परिस्थितियों में हुई, इसे लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। परिजनों का आरोप है कि यह महज दुर्घटना नहीं, बल्कि सुनियोजित साजिश का परिणाम हो सकता है।
घटना से नाराज परिजन और ग्रामीण शव को सड़क पर रखकर धरने पर बैठ गए, जिससे बाइपास मार्ग पर यातायात बाधित हो गया। प्रदर्शनकारियों ने मामले की निष्पक्ष जांच, दोषियों पर कार्रवाई और मृतक के परिवार को उचित मुआवजा देने की मांग की।
सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे तथा परिजनों से चर्चा की। अधिकारियों द्वारा मुआवजा स्वीकृत किए जाने के आश्वासन के बाद परिजन शांत हुए और जाम समाप्त कराया गया। इसके बाद यातायात को बहाल किया जा सका।
पुलिस ने मामले में मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि मौत की परिस्थितियों को देखते हुए सभी संभावित पहलुओं की जांच की जा रही है। शव को पोस्टमार्टम के लिए संजय गांधी अस्पताल भेजा गया है, जिसकी रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।












