खुनियाँव क्षेत्र के ग्राम रूदरौलिया साइंन स्थित फ्यूचर इंटरनेशनल एकेडमी में बुधवार को प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत एक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान बच्चों और शिक्षकों को क्षय रोग (टीबी) के लक्षण, कारण, बचाव और उपचार के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। कार्यक्रम में सीनियर टीबी सुपरवाइजर सुजाला और सीएचओ राशिद ने बताया कि टीबी एक संक्रामक बीमारी है, जो मुख्य रूप से फेफड़ों को प्रभावित करती है। इसके प्रमुख लक्षणों में लगातार खांसी, बुखार, वजन कम होना और रात में पसीना आना शामिल हैं। उन्होंने यह भी बताया कि समय पर जांच और नियमित दवा के सेवन से टीबी का पूरी तरह इलाज संभव है। सरकार टीबी मरीजों को निःशुल्क जांच और दवा की सुविधा प्रदान कर रही है। विद्यालय के प्रधानाचार्य चंद्र भान सहित प्रिंका चौधरी, इकरा, अलीसा, रेनू, अनीस, अफजल और अली खान ने बच्चों को स्वच्छता बनाए रखने, संतुलित एवं पोषक आहार लेने तथा किसी भी लक्षण के दिखने पर तत्काल स्वास्थ्य केंद्र जाने की सलाह दी। उन्होंने जोर दिया कि इस बीमारी से बचाव का सबसे प्रभावी उपाय जागरूकता ही है। इस अवसर पर सैफ अली सहित विद्यालय के अन्य शिक्षक और कर्मचारी भी उपस्थित रहे। सभी ने मिलकर टीबी मुक्त भारत के लक्ष्य को सफल बनाने का संकल्प लिया। कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों को टीबी से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी देना था, ताकि वे अपने परिवार और समाज में भी इस बारे में जागरूकता फैला सकें।
खुनियांव में टीबी जागरूकता कार्यक्रम:बच्चों को क्षय रोग के लक्षण और बचाव की जानकारी दी
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