Homeउत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh)मनरेगा में फर्जी हाजिरी का खेल! कभी 98 तो कभी 122 मजदूरों...

मनरेगा में फर्जी हाजिरी का खेल! कभी 98 तो कभी 122 मजदूरों की लग रही उपस्थिति, कई साइटों पर मजदूर नदारद

जनपद बस्ती के विकासखंड रुधौली अंतर्गत ग्राम पंचायत आमबारी में मनरेगा कार्यों को लेकर बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार के आरोप लगातार गहराते जा रहे हैं। ग्राम पंचायत में चल रहे विभिन्न मनरेगा कार्यों में फर्जी हाजिरी लगाकर सरकारी धन के बंदरबांट का मामला चर्चा का विषय बना हुआ है।

ग्रामीणों और मीडिया टीम द्वारा की गई पड़ताल में सामने आया कि ग्राम पंचायत में कभी 98 मजदूरों तो कभी 122 मजदूरों की उपस्थिति दर्ज की जा रही है, जबकि धरातल पर कई साइटों पर मजदूर नदारद मिले। कुछ स्थानों पर केवल चार से पांच मजदूर ही कार्य करते दिखाई दिए, जबकि अभिलेखों में दर्ज संख्या कहीं अधिक बताई जा रही है।

जानकारी के अनुसार मुड़ाडीहा कला में जयप्रकाश के खेत के उत्तर गड्ढा खुदाई कार्य, गांव के उत्तर पोखरा खुदाई कार्य तथा कृष्ण चन्द्र मिश्रा के चक से सत्याराम के चक तक चकमार्ग निर्माण कार्य सहित कई कार्यों पर फर्जी तरीके से मजदूरों की हाजिरी लगाए जाने का आरोप है।

मनरेगा के तहत मजदूरी दर 252 रुपये प्रतिदिन निर्धारित है। ऐसे में यदि 98 मजदूरों की उपस्थिति दर्ज की जाती है तो एक दिन का भुगतान 24,696 रुपये बनता है। वहीं 122 मजदूरों के हिसाब से प्रतिदिन 30,744 रुपये का भुगतान बनता है। ग्रामीणों का आरोप है कि इसी तरह लगातार फर्जी मास्टर रोल तैयार कर लाखों रुपये निकालने की तैयारी की जा रही है।

ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि ग्राम प्रधान प्रतिनिधि सर्वेश गुप्ता के संरक्षण में यह पूरा खेल चल रहा है। मजदूरों के खातों में पैसा आने के बाद उनसे रकम वापस लेने का भी आरोप लगाया गया है। लोगों का कहना है कि पंचायत सचिव, तकनीकी सहायक, जेई और अन्य जिम्मेदार कर्मचारियों की मिलीभगत के बिना इतना बड़ा फर्जीवाड़ा संभव नहीं है।

ग्रामीणों का यह भी कहना है कि मनरेगा कार्यों में ठेकेदारी प्रथा हावी हो चुकी है और वास्तविक मजदूरों के बजाय कागजों पर ही काम कराया जा रहा है।

मामले को लेकर प्रभारी बीडीओ अनिल यादव ने बताया कि शिकायत और मीडिया रिपोर्ट के आधार पर जांच कराई जाएगी। दोषी पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। हालांकि ग्रामीणों का कहना है कि पूर्व में भी कई शिकायतें हुईं, लेकिन कार्रवाई के नाम पर सिर्फ आश्वासन ही मिलता रहा है।

RELATED ARTICLES
- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

Recent Comments