कारीडीहा से मिट्टी चोरी कर देउरवाँ में बिक्री, पिपरा बाजार में सड़क पर मिट्टी गिराकर भागे तस्कर
रिपोर्ट:हेमन्त कुमार दुबे।
महराजगंज। सीमावर्ती थानों के बीच अवैध खनन माफियाओं के हौसले किस कदर बुलंद हैं, इसकी एक बानगी हाल ही में देखने को मिली। कोठीभार थाना क्षेत्र के कारीडीहा से धड़ल्ले से मिट्टी का अवैध खनन कर सिंदुरिया थाना क्षेत्र के देउरवाँ गाँव में धड़ल्ले से बेचा जा रहा था।
सोमवार दोपहर लगभग 12 बजे मामले की भनक लगते ही चिउटहां चौकी पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए देउरवाँ से तीन ट्रैक्टर-ट्रॉली को मौके से जब्त कर लिया। हिरासत में लिए गए भू-खनन माफिया ने पूछताछ में अपना नाम अब्दुल हमीद पुत्र आशिक अली, निवासी रुदलापुर (थाना कोठीभार) बताया। लेकिन इसके बाद जो घटनाक्रम सामने आया, उसने पुलिस महकमे के इकबाल पर बड़ा सवालिया निशान लगा दिया है।

- बीच सड़क पर मिट्टी खाली कर भागे तस्कर
जब्त वाहनों को चौकी ले जाते समय पिपरा बाजार के पास खनन माफियाओं ने पुलिस को खुलेआम चुनौती दे डाली। हिरासत में लिए गए माफिया अब्दुल हमीद से जुड़े दो चालकों ने दुस्साहस दिखाते हुए बीच सड़क पर ही मिट्टी खाली कर दी और पुलिस टीम को चकमा देकर वाहन समेत रफूचक्कर हो गए।
मौके पर मौजूद पुलिसकर्मी लाचार खड़े तमाशा देखते रहे। बाद में सड़क पर फैली मिट्टी को खुद माफियाओं के गुर्गों द्वारा हटाकर रास्ता साफ किए जाने की घटना दिनभर क्षेत्र में कौतूहल और चर्चा का विषय बनी रही।

सवालों के घेरे में खाकी की कार्यशैली।
घटना के बाद चौकी पुलिस की ओर से दलील दी जा रही है कि मौके पर मौजूद दो जवानों ने अपनी सुरक्षा को खतरे में देख वाहनों को जाने दिया। हालांकि, पुलिस की इस ढिलाई पर क्षेत्रीय लोगों का कहना है कि जब रक्षक ही खुद को असुरक्षित महसूस करने लगें, तो क्षेत्र में पनप रहे अवैध कारोबारियों पर लगाम कौन कसेगा?
फिलहाल, पुलिस पकड़ी गई एक गाड़ी को कब्जे में लेकर सिंदुरिया थाने ले आई है और मुख्य आरोपी अब्दुल हमीद व अन्य फरार चालकों के खिलाफ विधिक व कानूनी कार्रवाई में जुटी है। इस संबंध में थानाध्यक्ष विशाल शुक्ला का कहना है कि मामला संज्ञान में आते ही जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई होगी। लेकिन इस पूरी घटना से एक बात साफ है कि इलाके में सक्रिय खनन सिंडिकेट के हौसले कानून से ऊपर हो चुके हैं।












