राज्यसभा की कुल 24 सीटों के चुनाव और 2 सीटों पर उपचुनाव के लिए नामांकन दाखिल किए जा चुके हैं। इन 26 सीटों के लिए कुल 30 उम्मीदवार मैदान में हैं। इसका नतीजा यह है कि अब 4 सीटों पर बंपर खींचतान होने वाली है। यही कारण है कि मध्य प्रदेश और झारखंड में कांग्रेस ने अपने विधायकों की निगरानी शुरू कर दी है। इन दोनों ही राज्यों में कांग्रेस उम्मीदवार की जीत पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं। अगर क्रॉस वोटिंग होती है तो मध्य प्रदेश, झारखंड और कर्नाटक में एक-एक सीट पर कांग्रेस की हार हो सकती है।
इन 26 सीटों के लिए मैदान में उतरे उम्मीदवारों में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, पवन खेड़ा, भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के तरुण चुग, सतीश पूनिया, निर्दलीय परिमल नथवानी, कांग्रेस के प्रवीण चक्रवर्ती और मीनाक्षी नटराजन प्रमुख हैं।
आंध्र प्रदेश- 4 सीटें, 4 उम्मीदवार
आंध्र प्रदेश में राज्यसभा की कुल 4 सीटें खाली हो रही हैं। इसमें से तीन के लिए टीडीपी ने और एक सीट पर जनसेना ने अपने उम्मीदवार उतारे हैं। जिन राज्यसभा सांसदों का कार्यकाल समाप्त हो रहा है उनमें ए. अयोध्या रामी रेड्डी, परिमल नाथवानी, पी. सुभाष चंद्र बोस और सतीश बाबू शामिल हैं। हालांकि, सतीश बाबू ने सोमवार को फिर से नामांकन दाखिल किया है। वर्तमान में राज्यसभा में वाईएसआर कांग्रेस के सात सदस्य हैं जबकि TDP के दो सदस्य हैं। 18 जून को होने वाले चुनाव के बाद यह समीकरण बदलने की संभावना है। आंध्र प्रदेश विधानसभा में TDP के 135 विधायक, जनसेना के 21 और बीजेपी के आठ विधायक हैं, जबकि वाईएसआरसीपी के केवल 11 विधायक हैं।
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विधायकों की संख्या और सिर्फ 4 उम्मीदवारों के उतरने से इन सभी उम्मीदवारों की जीत सुनिश्चित है।
गुजरात- 4 सीटें, 4 कैंडिडेट
विधायकों की संख्या को देखते हुए गुजरात में सिर्फ बीजेपी ने ही अपने 4 उम्मीदवार उतारे हैं। बीजेपी के उम्मीदवारों राजूभाई शुक्ला, मानसिंह परमार, मुकेशभाई राठवा और जितेंद्र कंजारिया ने सोमवार को गांधीनगर में विधानसभा परिसर में नामांकन पत्र जमा किए। इन चारों के साथ मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल, उप मुख्यमंत्री हर्ष संघवी, प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष जगदीश विश्वकर्मा और पार्टी के दूसरे वरिष्ठ नेता मौजूद थे। अगर किसी सीट पर एक से अधिक उम्मीदवार मैदान में रहते हैं, तो 18 जून को मतदान होगा और उसी दिन मतगणना होगी।
इस महीने के आखिर में शक्तिसिंह गोहिल का कार्यकाल खत्म होने के साथ, कांग्रेस का संसद के उच्च सदन में गुजरात से कोई प्रतिनिधि नहीं होगा। गुजरात से राज्यसभा की चार सीटें खाली हो रही हैं। मौजूदा सांसद रामभाई मोकारिया, नरहरि अमीन और रमीलाबेन बारा (सभी बीजेपी) और कांग्रेस के गोहिल का छह साल का कार्यकाल 21 जून को खत्म हो रहा है। शक्ति सिंह गोहिल राज्यसभा में गुजरात से अकेले कांग्रेस सदस्य हैं।
झारखंड-2 सीट, 3 उम्मीदवार
झारखंड में दो ही विधानसभा सीटों पर चुनाव होने हैं लेकिन तीन उम्मीवार उतरने से यहां का मामला भी रोमांचक हो गया है। झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) के उम्मीदवार बैद्यनाथ राम और कांग्रेस प्रत्याशी प्रणव झा ने राज्य की दो राज्यसभा सीटों पर होने वाले चुनाव के लिए सोमवार को अपने-अपने नामांकन पत्र दाखिल किए। आंध्र प्रदेश से राज्यसभा सदस्य परिमल नथवाणी ने भी इस चुनाव के लिए एक निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में अपना नामांकन पत्र दाखिल किया। उन्होंने भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) और अन्य राजनीतिक दलों के समर्थन से जीत दर्ज करने का भरोसा जताया।
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झारखंड की दो सीटों पर जीत के लिए किसी भी एक उम्मीदवार को प्रथम वरीयता के कम से कम 28 वोट हासिल करने होंगे। झारखंड विधानसभा में विपक्षी ‘इंडिया’ गठबंधन के पास कुल 56 सदस्य हैं, जिनमें JMM के 34, कांग्रेस के 16, राष्ट्रीय जनता दल के चार और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माले) लिबरेशन के दो विधायक शामिल हैं। दूसरी ओर, राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के पास 24 विधायक हैं, जिनमें बीजेपी के 21 और लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास), आजसू पार्टी एवं जनता दल (यूनाइटेड) के एक-एक विधायक शामिल हैं। इसके अलावा, झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा के पास एक विधायक है।
मध्य प्रदेश-3 सीटें, 4 उम्मीदवार
मध्य प्रदेश में तीन सीटों के लिए हो रहे चुनाव में मामला फंसता दिख रहा है। बीजेपी ने तरुण चुग और रजनीश अग्रवाल के अलावा महेश केवट को भी उतार दिया है। हालांकि, पर्याप्त बहुमत के बावजूद अब कांग्रेस की सांसें अटकी हुई हैं। कांग्रेस की ओर से मीनाक्षी नटराजन उम्मीदवार हैं। मध्य प्रदेश में कुल विधानसभा सीटों की संख्या 230 है। फिलहाल दो विधायक वोट नहीं डाल सकते इसलिए एक राज्यसभा सीट के लिए कुल 58 वोट चाहिए। बीजेपी के पास कुल 164 विधायक हैं। कांग्रेस के पास 64 और एक विधायक अन्य पार्टी का है। इस संख्या के हिसाब से तो दो सीट बीजेपी को और एक कांग्रेस को मिल सकती है। हालांकि, कांग्रेस की ओर से क्रॉस वोटिंग की चर्चा है।
बीजेपी के तीसरे उम्मीदवार को अगर जीतना है तो उसे कम से कम 10 कांग्रेसी विधायकों का समर्थन चाहिए।
राजस्थान- 3 सीटें, 3 ही उम्मीदवार
राजस्थान में कुल तीन सीटों पर चुनाव हैं और तीन ही उम्मीदवार उतरे हैं। बीजेपी ने सतीश पूनिया और अल्का गुर्जर को उतारा है। वहीं, कांग्रेस ने एक बार फिर से नीरज डांगी को ही उम्मीदवार बनाया है। तीन सीट पर तीन ही उम्मीदवार होने के चलते इन सीटों पर वोटिंग की जरूरत नहीं पड़ेगी। बता दें कि इन तीन सीटों पर कांग्रेस के नीरज डांगी, बीजेपी राजेंद्र गहलोत और रवनीत सिंह सांसद थे और अब इन तीनों का कार्यकाल समाप्त हो रहा है। राजस्थान विधानसभा में बीजेपी के पास 118 विधायक, कांग्रेस के पास 67 विधायक हैं। अन्य दलों में बहुजन समाज पार्टी के दो, भारत आदिवासी पार्टी के चार और राष्ट्रीय लोक दल का एक विधायक है जबकि आठ निर्दलीय सदस्य भी हैं।
कर्नाटक-4 सीटें, 5 उम्मीदवार
कर्नाटक में राज्यसभा की कुल चार सीटें खाली हो रही है और पांच उम्मीदवार मैदान में हैं। विधायकों की संख्या देखते हुए कांग्रेस ने अपने तीन उम्मीदवार मंसूर अली खान, पवन खेड़ा और मल्लिकार्जुन खड़गे को अपना उम्मीदवार बनाया है। वहीं, बीजेपी ने एम नागराज को उम्मीदवार बनाया है। पांचवे और निर्दलीय उम्मीदवार बोजन्ना सोमैया हैं। पांचवें उम्मीदवार के उतरने से कर्नाटक में भी रोमांचक खेल हो सकता है।
मणिपुर-1 सीट, 1 उम्मीदवार
मणिपुर की एक सीट के लिए राज्य बीजेपी अध्यक्ष मयुम शारदा देवी ने पर्चा भरा है। मणिपुर की 60 सदस्यीय विधानसभा में बीजेपी के 36 विधायक हैं। इसके अलावा नेशनल पीपुल्स पार्टी के छह, नागा पीपुल्स फ्रंट और कांग्रेस के पांच-पांच, कुकी पीपुल्स अलायंस के दो तथा जेडीयू का एक विधायक है। तीन निर्दलीय विधायक भी हैं। विपक्ष की ओर से किसी उम्मीदवार ने नामांकन दाखिल नहीं किया है, ऐसे में उनकी जीत तय है।
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मेघालय-1 सीट, 1 उम्मीदवार
नेशनल पीपुल्स पार्टी (एनपीपी) के वरिष्ठ नेता जेम्स के. संगमा ने सोमवार को मेघालय की एकमात्र राज्यसभा सीट के लिए होने वाले चुनाव में अपना नामांकन पत्र दाखिल किया। यह सीट मौजूदा सदस्य डब्ल्यू. आर. खारलुखी का छह वर्ष का कार्यकाल पूरा होने के बाद खाली हुई है। मेघालय डेमोक्रेटिक अलायंस (एमडीए)—जिसमें एनपीपी, यूनाइटेड डेमोक्रेटिक पार्टी (यूडीपी), बीजेपी, हिल स्टेट पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (एचएसपीडीपी) और दो निर्दलीय विधायक शामिल हैं—ने सर्वसम्मति से जेम्स संगमा को अपना उम्मीदवार नामित किया है। मेघालय की 60 सदस्यीय विधानसभा में सत्तारूढ़ गठबंधन के स्पष्ट बहुमत को देखते हुए जेम्स संगमा की जीत लगभग तय मानी जा रही है।
अरुणाचल प्रदेश-1 सीट, 1 उम्मीदवार
अरुणचाल प्रदेश की इकलौती सीट पर सिर्फ बीजेपी ने अपना उम्मीदवार उतारा है। बीजेपी की ओर से वरिष्ठ नेता ताई टागक ने नामांकन पत्र दाखिल कियाहै। यह सीट मौजूदा राज्यसभा सदस्य नबाम रेबिया का कार्यकाल 23 जून को समाप्त होने के कारण खाली हो रही है। अरुणाचल प्रदेश की 60 सदस्यीय विधानसभा में बीजेपी के स्पष्ट बहुमत को देखते हुए ताई टागक की जीत लगभग तय मानी जा रही है।
मिजोरम-1 सीट, 2 उम्मीदवार
मिजो नेशनल फ्रंट (एमएनएफ) की उम्मीदवार जोथांसंगी हमार ने राज्यसभा चुनाव के अपना पर्चा भरा है। इससे पहले, 5 जून को सत्तारूढ़ जोराम पीपुल्स मूवमेंट (जेडपीएम) के उम्मीदवार के. लालटलुआंगकिमा ने राज्यसभा चुनाव के लिए अपना नामांकन पत्र दाखिल किया था। अधिकारियों ने बताया कि राज्य की एकमात्र राज्यसभा सीट के लिए दो उम्मीदवार मैदान में हैं। बता दें कि मिजोरम की 40 सदस्यीय विधानसभा में जेडपीएम के 27 विधायक हैं जबकि एमएनएफ के 10 सदस्य हैं। विधानसभा में बीजेपी के दो विधायक हैं और कांग्रेस का एक विधायक है। दोनों पार्टियों ने अपने उम्मीदवार नहीं उतारे हैं।
महाराष्ट्र और तमिलनाडु में एक-एक सीट पर उपचुनाव
महाराष्ट्र विधान परिषद के पूर्व सदस्य राजेंद्र जैन ने राज्यसभा की एक सीट के लिए हो रहे उपचुनाव के लिए राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के उम्मीदवार के रूप में अपना नामांकन पत्र दाखिल किया। यह उपचुनाव राज्यसभा सदस्य के रूप में सुनेत्रा पवार के इस्तीफे के कारण खाली हुई सीट को भरने के लिए होना है। राजनीतिक समीकरणों को देखते हुए राजेंद्र जैन का निर्विरोध चुना जाना लगभग तय माना जा रहा है क्योंकि महायुति गठबंधन के पास विधानसभा में स्पष्ट बहुमत है।
तमिलनाडु में सी वी षणमुगम के इस्तीफे के बाद खाली हुई राज्यसभा सीट पर कांग्रेस ने प्रवीण चक्रवर्ती को अपना उम्मीदवार बनाया है। टीवीके के समर्थन और बहुमत के चलते उनकी जीत तय है। विपक्ष ने यहां कोई उम्मीदवार नहीं उतारा है।












