श्रावस्ती जिले के इकौना स्थित प्राचीन सीताद्वार मंदिर की झील जलकुंभी से पूरी तरह ढकी हुई है। इसके कारण यहां आने वाले श्रद्धालुओं को पवित्र स्नान करने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। झील में जलकुंभी का फैलाव इतना अधिक है कि स्नान के लिए केवल एक छोटा सा स्थान ही बचा है। मंदिर के अन्य सभी घाट जलकुंभी से भर गए हैं, जिससे श्रद्धालु चाहकर भी स्नान नहीं कर पा रहे हैं।सीताद्वार मंदिर के महंत पंडित संतोष दास तिवारी ने बताया कि वे शाम 6:30 बजे झील पर गंगा आरती करवाते हैं, लेकिन साफ-सफाई की व्यवस्था न होने के कारण काफी दिक्कतें आती हैं। उन्होंने ग्राम प्रधान शिवकुमार राजभर पर झील की साफ-सफाई न कराने का आरोप लगाया।ध्रुव चंद यादव, डीसी और राजेश यादव सहित कई स्थानीय लोगों ने शासन से झील की तत्काल सफाई कराने की मांग की है। इस संबंध में ग्राम प्रधान शिवकुमार राजभर ने बताया कि झीलों की साफ-सफाई व्यवस्था के लिए शासन-प्रशासन को प्रस्ताव भेजा जाएगा। उन्होंने आश्वासन दिया कि इसके बाद झील की साफ-सफाई की व्यवस्था जल्द कराई जाएगी। स्थानीय लोगों का कहना है कि जलकुंभी की सफाई होने से श्रद्धालुओं को सुविधा मिलेगी और मंदिर परिसर की सुंदरता भी बढ़ेगी।
सीताद्वार मंदिर की झील जलकुंभी से ढकी:श्रद्धालुओं को स्नान करने में हो रही परेशानी
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