श्रावस्ती जिले के नासिरगंज कस्बे में 3 मोहर्रम को अंजुम जैदी के अजाखाने पर एक मजलिसे अज़ा का आयोजन किया गया। इस दौरान अजादारों ने कर्बला के शहीदों को नम आँखों से याद किया। मजलिस की शुरुआत बारगाहे रिसालत और इमामत में मर्सिया व सोज-ख्वानी पेश करके की गई। इसके बाद, स्थानीय और बाहर से आए नौहाख्वानों ने हजरत इमाम हुसैन (अ.स.) और कर्बला के अन्य शहीदों की याद में नौहे पढ़े। नौहाख्वानी के दौरान अजादारों ने मातम किया और कर्बला के मजलूमों को पुरसा दिया। मजलिस को संबोधित करते हुए आलिमे दीन मौलाना जनाब शेख रईस अब्बास ने पैगंबर-ए-इस्लाम के नवासे हजरत इमाम हुसैन (अ.स.) की शहादत और उनके इंसानियत व हक के संदेश पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि कर्बला की जंग केवल एक युद्ध नहीं, बल्कि जुल्म के खिलाफ सब्र और सच्चाई की जीत का प्रतीक है। मजलिस के समापन के बाद, अजाखाने के मेजबान अंजुम जैदी द्वारा उपस्थित सभी अजादारों को तबर्रक (प्रसाद) वितरित किया गया।
नासिरगंज में अंजुम जैदी के अजाखाने पर मजलिसे अज़ा:कर्बला के शहीदों को नम आँखों से किया गया याद
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