उरई। उत्तर प्रदेश के जनपद जालाैन के सिरसा कलार थाना क्षेत्र के पिथउपुर गांव में गुरुवार को एक सनसनीखेज घटना सामने आई, जहां दोहरे हत्याकांड के मामले में दोषी ठहराए गए 70 वर्षीय वृद्ध ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।
बताया जा रहा है कि इलाहाबाद हाईकोर्ट द्वारा उम्रकैद की सजा बरकरार रखे जाने के बाद वह गहरे मानसिक तनाव में था। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज कर जांच शुरू कर दी है।
यह मामला सिरसाकलार थाना क्षेत्र के ग्राम पिथउपुर का है। मृतक की पहचान अमर सिंह पुत्र स्वर्गीय बाबूराम के रूप में हुई है। ग्रामीणों के अनुसार अमर सिंह अपने पुत्र रविंद्र उर्फ मनचुरे के साथ गांव के बाहर खेत पर बने ट्यूबवेल पर रहता था।
गुरुवार की सुबह काफी देर तक जब वह कमरे से बाहर नहीं निकला तो परिजनों को शक हुआ। परिवार के लोग जब कमरे के अंदर पहुंचे तो अमर सिंह का शव गमछे के सहारे फंदे से लटका मिला।
शव को फंदे पर लटका देख परिवार में चीख-पुकार मच गई। बताया जा रहा है कि अमर सिंह वर्ष 1984 में हुए चर्चित दोहरे हत्याकांड का आरोपित था। गांव में पुरानी रंजिश के चलते मई 1984 में सरवन और वीरेंद्र सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।
इस मामले में रामजीवन की ओर से मुकदमा दर्ज कराया गया था, जिसमें अमर सिंह समेत चार लोगों को नामजद किया गया था। मामले की सुनवाई के बाद उरई स्थित मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट कोर्ट ने अमर सिंह को दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी।
हालांकि बाद में उसने इलाहाबाद हाईकोर्ट में अपील दायर की थी। अपील लंबित रहने के दौरान उसे जमानत मिल गई थी और वह लंबे समय से बाहर रह रहा था।
वहीं, परिजनों के मुताबिक दो दिन पहले इलाहाबाद हाईकोर्ट ने निचली अदालत के फैसले को सही ठहराते हुए उसकी उम्रकैद की सजा को बरकरार रखा था।
फैसले के बाद से अमर सिंह लगातार तनाव में था। उसे दोबारा जेल जाने और गिरफ्तारी का भय सता रहा था। बताया जाता है कि इसी मानसिक दबाव के चलते उसने यह आत्मघाती कदम उठा लिया।
घटना की सूचना मिलते ही सिरसा कलार थाना पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। थाना प्रभारी निरीक्षक वरुण चाहर ने बताया कि प्रथम दृष्टया मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है।
हाईकोर्ट द्वारा सजा बरकरार रखे जाने के बाद वृद्ध मानसिक रूप से परेशान था। फिलहाल शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है।












