लखनऊ। आठवें केंद्रीय वेतन आयोग द्वारा राज्य कर्मचारियों, शिक्षकों, पेंशनर्स, संविदा व आउटसोर्सिंग कर्मियों से सुझाव न लेने के विरोध में उत्तर प्रदेश राज्य कर्मचारी महासंघ के आवाहन पर आज प्रदेशभर में काला फीता बांधकर शासकीय कार्य किया गया। महासंघ के प्रांतीय अध्यक्ष कमल अग्रवाल ने कहा कि केंद्र के समान वेतन-भत्ते का समझौता है, इसलिए आयोग को प्रदेश के सभी संगठनों को बुलाना चाहिए था। सिर्फ कुछ संघों को बुलाकर विभेद किया गया, जिससे लाखों कर्मचारियों में असंतोष है। महासंघ ने मांग किया कि ग्रुप डी की नियमित नियुक्तियां हों। सभी पेंशनर्स को 8 वें वेतन आयोग के दायरे में लाया जाए। एनपीएस कर्मियों को चिकित्सा रिम्बर्समेंट सुविधा मिले। ऑनलाइन कार्य, कर्मयोगी कोर्स, वर्कफ्लो व संपत्ति विवरण दर्ज करने के उत्पीड़न पर रोक लगी। लखनऊ में जे.पी. पांडे,प्रांतीय अध्यक्ष, उत्तर प्रदेश फेडरेशन ऑफ मिनिस्टीरियल सर्विस एसोसिएशन, हेमंत गुर्जर प्रांतीय वरिष्ठ उपाध्यक्ष, उत्तर प्रदेश लोक निर्माण विभाग मिनिस्ट्रियल एसोसिएशन, अफीफ सिद्दीकी, अजीत रावत, शशांक शुक्ला के नेतृत्व में प्रदर्शन हुआ। महासंघ के अनुसार लखनऊ, कानपुर नगर, कानपुर देहात, वाराणसी, भदोही, मथुरा, फिरोजाबाद, लखीमपुर खीरी, सुल्तानपुर, झांसी, कुशीनगर, सहारनपुर समेत कई जिलों से काला फीता बांधकर विरोध जताया है।
8 वें वेतन आयोग से अपेक्षा पर यूपी कर्मचारियों का कड़ा विरोध
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