रामनगर/बाराबंकी। थाना क्षेत्र के कटियारा गांव में सोमवार को युवक जितेंद्र चौहान की संदिग्ध मौत के बाद मंगलवार को माहौल तनावपूर्ण हो गया। दोपहर करीब 3 बजे आक्रोशित परिजनों और ग्रामीणों ने शव को लखनऊ-बहराइच राष्ट्रीय राजमार्ग पर रखकर जाम लगा दिया।
उनकी मांग थी कि आत्महत्या नहीं हत्या की गई है। हाईवे पर करीब दो घंटे तक वाहनों के पहिए थमे रहे। प्रदर्शन के दौरान पुलिस और ग्रामीणों में तीखी कहासुनी के बाद हालात बेकाबू हो गए। पुलिस ने शव को हाईवे से हटाने का प्रयास किया तो गुस्साए ग्रामीणों ने पुलिस पर ईंट-पत्थर बरसाने शुरू कर दिए। पथराव में रामनगर कोतवाल अरुण प्रताप सिंह के सिर में गंभीर चोट आई कुछ देर तक बेहोश सड़क पर पड़े रहे। कई पुलिस कर्मी भी चोटिल हुए है। कई वाहनों के शीशे भी टूट गए। अराजकता इतनी बढ़ी कि ग्रामीणों ने पुलिस बल को करीब 500 मीटर तक दौड़ा दिया, जिसके बाद पुलिस को पीछे हटना पड़ा।
प्रदर्शन में बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद थे।
कानून-व्यवस्था संभालने के लिए 50 से 60 पुलिसकर्मी, जिनमें आधा दर्जन महिला पुलिसकर्मी भी शामिल थीं, मौके पर डटे रहे। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए अपर पुलिस अधीक्षक विकास चंद्र त्रिपाठी, एसडीएम रामनगर आनंद कुमार तिवारी, क्षेत्राधिकारी गरिमा पंत और जगतराम कनोजिया अतिरिक्त पुलिस बल के साथ पहुंचे। अधिकारियों ने ग्रामीणों को समझा-बुझाकर जाम खुलवाया। फिलहाल कटियारा गांव और आसपास के क्षेत्र में तनाव को देखते हुए भारी पुलिस बल तैनात है। युवक जितेंद्र चौहान की संदिग्ध मौत के कारणों की जांच जारी है। भरी पुलिस बल की मौजूदगी में देर शाम अंतिम संस्कार कराया गए।












