बस्ती में मौसम के बदले मिजाज ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। आसमान में छाए काले बादलों, तेज हवाओं और हल्की बूंदाबांदी के कारण गेहूं की मड़ाई का काम रुक गया है। इससे साल भर की मेहनत के बाद फसल घर लाने की तैयारी कर रहे किसानों को नुकसान की आशंका है। सदर ब्लॉक के विभिन्न इलाकों में बुधवार सुबह से ही ठंडी हवाएं चल रही थीं और बारिश की संभावना बनी हुई थी। जिन किसानों ने अपनी कटी हुई फसल खेतों में सूखने के लिए छोड़ी थी, वे उसे आनन-फानन में तिरपाल से ढकते या सुरक्षित स्थानों पर ले जाते दिखे। इस अचानक बदलाव से मड़ाई का काम बीच में ही बाधित हो गया है। स्थानीय किसानों, जिनमें संजीव पांडे, राम किशोर, रामदीन चौधरी, रामविलास मौर्य, राम धीरज चौधरी और राम प्रकाश चौधरी शामिल हैं, ने बताया कि वे मड़ाई के लिए पूरी तरह तैयार थे, लेकिन बूंदाबांदी ने उनकी उम्मीदों पर पानी फेर दिया। किसानों का कहना है कि यदि बारिश तेज हुई तो गेहूं की बाली काली पड़ सकती है और दाने की चमक कम हो जाएगी। फसल भीगने के बाद उसे दोबारा सुखाने में कई दिन लगेंगे, जिससे लागत और समय दोनों बढ़ जाएंगे। कृषि विशेषज्ञों के अनुसार, कटाई के इस अंतिम चरण में बारिश गेहूं की फसल के लिए हानिकारक है। भीगने से अनाज की गुणवत्ता प्रभावित होती है और गीली फसल की मड़ाई मशीनों से संभव नहीं हो पाती। इसके अतिरिक्त, तेज हवाओं से कटी हुई फसल मिट्टी में मिल सकती है, जिससे पैदावार में भारी गिरावट का खतरा है। फिलहाल, किसान मौसम साफ होने की प्रार्थना कर रहे हैं ताकि उनकी तैयार फसल सुरक्षित रूप से घर पहुंच सके।
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