केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) के 12वीं के रिजल्ट को लेकर बवाल जारी है। इस बीच सुप्रीम कोर्ट ने CBSE को 12वीं की इम्प्रूवमेंट परीक्षा के रिजल्ट जल्द जारी करने के लिए सख्त निर्देश दिए हैं। कोर्ट ने कहा कि जरूरत पड़े तो रात दिन मेहनत करें लेकिन शुक्रवार तक एक प्लान बनाकर बताएं कि रिजल्ट कब और कैसे जारी किए जाएंगे। कोर्ट ने यह फैसला सऊदी अरब के एक छात्र की याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया है और यह फैसला छात्रों के लिए काफी अहम है।
सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के दौरान कहा कि रिजल्ट में हो रही देरी का सीधा असर छात्रों के भविष्य पर पड़ सकता है। खास तौर पर पश्चिम एशियाई देशों में कॉलेजों में दाखिले की प्रक्रिया प्रभावित होने की आशंका जताई गई है। गौरतलब है कि 12वीं की परीक्षा के बाद कई छात्र विदेश में भी पढ़ाई करने जाते हैं, लेकिन अगर रिजल्ट लेट होगा तो बच्चों की एडमिशन में देरी हो सकती है या उनका मौका जा सकता है। इससे पहले सीबीएसई ने इन छात्रों को बिना नंबरों वाली मार्कशीट जारी कर दी थी जिस पर जमकर बवाल हुआ था।
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12 जून को होगी सुनवाई
संविधान के अनुच्छेद 32 के तहत दायर याचिका में प्रांशु जिगरकुमार पटेल ने कहा है कि परिणाम घोषित नहीं होने से उनकी उच्च शिक्षा की संभावनाएं प्रभावित हुई हैं और उन्हें प्रवेश के अवसरों से वंचित होना पड़ा है। याचिका के अनुसार, पटेल ने सऊदी अरब के अल जुबैल से सीबीएसई कक्षा 12 सुधार परीक्षा 2026 में निजी परीक्षार्थी के रूप में भौतिकी, रसायन विज्ञान, गणित, अंग्रेजी और कंप्यूटर विज्ञान विषयों की परीक्षा दी थी। कोर्ट ने सीबीएसई और उसके दुबई के क्षेत्रीय अधिकारी को नोटिस जारी करते हुए मामले की अगली सुनवाई 12 जून को तय की।
युद्द के कारण रद्द हुई थी परीक्षा
अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव के कारण सीबीएसई ने खाड़ी देशों में परीक्षा को स्थगित करने का फैसला लिया था। सीबीएसई ने गणित, अंग्रेजी और कंप्यूटर विज्ञान सहित कई परीक्षाएं रद्द कर दी थीं। पश्चिम एशियाई देशों में छात्रों को हुई परेशानी को देखते हुए सीबीएसई ने 27 मार्च को प्रभावित क्षेत्र के कक्षा 12 के परिणाम घोषित करने के लिए एक मूल्यांकन योजना जारी की थी। इस योजना के तहत प्री बोर्ड जैसी परीक्षाओं के आधार पर मूल्यांकन करने का प्लान बनाया गया था। साथ ही जरूरत पड़ने पर विशेष परीक्षा आयोजित करने की भी व्यवस्था की गई थी।
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सीबीएसई ने नहीं दी जानकारी?
कोर्ट ने माना कि अगर समय पर परिणाम जारी नहीं हुए तो कई छात्रों के लिए हायर एजुकेशन में एडमिशन मुश्किल हो सकता है। सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से कोर्ट को बताया गया कि रिजल्ट की स्थिति को लेकर अब तक कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई है। छात्रों और अभिभावकों को यह नहीं बताया गया कि रिजल्ट कब तक जारी होंगे। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने CBSE से नाराजगी जताई और कहा कि मामले को गंभीरता से लिया जाए।












