वाशिंगटन : अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर बड़ा दावा किया है। शुक्रवार को सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए उन्होंने कहा कि ईरान अपना एनरिच्ड यूरेनियम अमेरिका को सौंपने पर सहमत हो गया है। ट्रंप ने इसे ‘परमाणु धूल’ कहा है। ट्रंप अक्सर परमाणु धूल शब्द का इस्तेमाल एनरिच्ड यूरेनियम के लिए करते हैं। यह वह सामग्री है जिसका इस्तेमाल परमाणु हथियार बनाने में हो सकता है।
US ने ईरान के परमाणु ठिकानों पर किया था हमला
पिछले साल इजराइल और ईरान के बीच 12 दिन की जंग के दौरान अमेरिका ने ईरान के परमाणु ठिकानों पर B2 बमवर्षकों से हमला किया था। ट्रंप का कहना है कि उस हमले से बहुत सारा एनरिच्ड यूरेनियम उन ठिकानों के नीचे दब गया है। अब ईरान इसे अमेरिका को वापस देने को तैयार है।
ट्रंप ने पहले भी किया था दावा
इससे पहले ट्रंप ने बृहस्पतिवार को भी यही दावा किया था। उन्होंने कहा था कि ईरान ने हमें परमाणु धूल वापस देने पर सहमति जताई है। उनके अनुसार, यह समझौता ईरान की परमाणु क्षमता खत्म करने की दिशा में बड़ा कदम होगा। इससे दोनों देशों के बीच चल रहे संघर्ष को खत्म करने में मदद मिलेगी। ट्रंप का मानना है कि इससे अमेरिका की एक प्रमुख मांग पूरी हो जाएगी और ईरान परमाणु हथियार नहीं बना पाएगा।
ट्रंप के दावे की पुष्टि नहीं
फिलहाल, ट्रंप के दावे की पुष्टि नहीं हुई है। ना तो ईरान की सरकार ने और ना ही मध्यस्थ देश ने कहा है कि तेहरान ऐसा कोई समझौता कर चुका है। ईरान की ओर से अभी कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। कुछ रिपोर्ट्स में यह भी बताया गया है कि बातचीत चल रही है लेकिन पूरी डिटेल्स साफ नहीं हैं।
ईरान के पास नहीं हो सकता परमाणु हथियार
अमेरिका लगातार कहता रहा है कि ईरान के पास परमाणु हथियार नहीं हो सकते हैं। वैसे माना जाता है कि ईरान के पास एनरिच्ड यूरेनियम की मात्रा करीब 400 किलोग्राम है। अगर ईरान इसे अमेरिका को सौंप देता है तो यह उसकी परमाणु महत्वाकांक्षा को बहुत कमजोर कर देगा। ईरान हमेशा कहता रहा है कि उसका परमाणु कार्यक्रम शांतिपूर्ण है। फिलहाल, यह सिर्फ ट्रंप का दावा है। दुनिया इसकी पुष्टि का इंतजार कर रही है।












