लखनऊ। भातखण्डे संस्कृति विश्वविद्यालय में विश्वविद्यालय की कार्यपरिषद की बैठक कुलपति प्रो.मांडवी सिंह की अध्यक्षता में हुई। इसमें विश्वविद्यालय के शैक्षणिक, प्रशासनिक, वित्तीय एवं सांस्कृतिक विकास से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर विचार किया गया। और विश्वविद्यालय के हित में अनेक महत्वपूर्ण प्रस्तावों को अनुमोदन प्रदान किया गया।
बैठक में कार्य परिषद के सदस्य के रूप में मालिनी अवस्थी, प्रो. उमा गर्ग, प्रो. मंजुला चतुर्वेदी, वित्त नियंत्रक संस्कृति निदेशालय उ प्र कृष्ण कुमार पाण्डेय, क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी प्रो0 अश्वनी कुमार मिश्र, विश्वविद्यालय के कुलसचिव एसपी. सिंह, वित्त अधिकारी मनीष कुमार कुशवाहा समेत विश्वविद्यालय की गायन एवं स्वरवाद्य विभाग की विभागाध्यक्ष प्रो. सृष्टि माथुर, नृत्य विभाग के विभागाध्यक्ष ज्ञानेन्द्र दत्त बाजपेयी बैठक में उपस्थित रहे।
विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. मांडवी सिंह ने बताया कि विश्वविद्यालय का उद्देश्य भारतीय संगीत, नृत्य एवं अन्य ललित कलाओं की समृद्ध परंपरा को आधुनिक आवश्यकताओं के साथ जोड़ते हुए विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, प्रशिक्षण एवं व्यापक मंच उपलब्ध कराना है। कार्य परिषद द्वारा लिए गए निर्णय विश्वविद्यालय के शैक्षणिक, प्रशासनिक, वित्तीय एवं सांस्कृतिक विकास को नई दिशा प्रदान करेंगे।
विश्वविद्यालय के कुलसचिव एस. पी. सिंह ने बताया कि कार्य परिषद द्वारा अनुमोदित सभी प्रस्तावों को निर्धारित नियमों एवं प्रक्रिया के अनुसार प्रभावी रूप से क्रियान्वित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि कला मंडपम का सुदृढ़ीकरण, परीक्षा व्यवस्था में सुधार, शैक्षणिक व्यवस्थाओं को सुदृढ़ करना तथा भातखण्डे महोत्सव का व्यापक आयोजन विश्वविद्यालय की गतिविधियों को और अधिक प्रभावशाली बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं।
भातखण्डे विवि की कार्य परिषद बैठक सम्पन्न
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