UP: हलाल सर्टिफिकेशन के नाम पर चल रहे धंधे को लेकर सख्त CM योगी, प्रोडक्ट्स की बिक्री पर लग सकता है बैन

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उत्तर प्रदेश में हलाल सर्टिफिकेशन (Halal Certification) से जुड़े प्रोडक्ट्स की ब्रिकी पर पर जल्द ही बैन लग सकता है। आरोप है कुछ कंपनियां हलाल सर्टिफिकेशन के नाम पर अवैध धंधा चला रही थीं। डेयरी, कपड़ा, चीनी, नमकीन, मसाले और साबुन को भी हलाल सर्टिफाइड किया जा रहा था। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) ने इस मामले को संज्ञान में लिया है। कहा जा रहा है कि प्रदेश सरकार हलाल सर्टिफिकेशन को लेकर कड़े नियम बनाने की तैयारी कर रही है।

सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था वीडियो

दरअसल, हाल ही में हलाल सर्टिफाइड चाय को लेकर एक पैसेंजर और भारतीय रेलवे अधिकारी के बीच तीखी बहस का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। वीडियो में यात्री ने सावन के महीने के दौरान हलाल सर्टिफिकेशन वाले प्रोडक्ट को लेने से इंकार कर दिया था। हालांकि, रेलवे कर्मचारी ने स्पष्ट किया था कि प्रोडक्ट शाकाहारी ही थी। विवाद इस बात को लेकर था कि पैकेट पर हलाल लिखा था।

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हलाल सर्टिफिकेशन फूड, कॉस्मेटिक और फार्मास्युटिकल क्षेत्रों के लिए किया जाता है और यह एक तरह की गारंटी है कि प्रोडक्ट उत्पाद इस्लामी कानून के नियमों के तहत बनाए गए हैं। इसका इस्तेमाल कस्टमर्स को यह बताने के लिए किया जाता है कि इसमें कोई भी ‘निषिद्ध’ पदार्थ शामिल नहीं है। साथ ही प्रोडक्ट्स में किसी भी तरह से ‘अशुद्ध’ माने जाने वाले किसी भी पदार्थ या वस्तु का इस्तेमाल नहीं किया गया है।

क्या है हलाल का मतलब?

हलाल अरबी भाषा का एक शब्द है। इसका मतलब होता है कि कोई भी चीज जिसकी इजाजत हो और वह कानून के तहत वैध हो, इसलिए हलाल कारोबार वो होते हैं, जिनकी इस्लाम में कानूनी मंजूरी होती है। दुनिया भर में बहुत तरह के हलाल कारोबार आते हैं। बहुत से सामान और सेवाएं हलाल कारोबार की कैटेगरी में आती हैं। हलाल बिजनेस कई तरह के हो सकते हैं जैसे खाना, दवाइयां, कॉस्मेटिक्स, कपड़े या सेवाएं जैसे टूरिज्म, अकाउंटिंग, बैंकिंग, फाइनेंस आदि. कौन जारी करता है हलाल सर्टिफिकेट?

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