बस्ती: 25 हजार का इनामी निलंबित नायब तहसीलदार गिरफ्तार, महिला अधिकारी की हत्या-दुष्कर्म की कोशिश का दर्ज है केस

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आरोपी नायब तहसीलदार ने सोशल मीडिया पर बयान जारी करके खुद को पुलिस के सामने सरेंडर करने का दावा किया है। हालांकि, पुलिस इसे खारिज कर रही है। अपने बयान में घनश्याम शुक्ला ने सरकार, न्यायपालिका और प्रशासन पर भरोसा जताते हुए न्याय मिलने की बात कही है।

25 हजार रुपये का इनामी और निलंबित नायब तहसीलदार घनश्याम शुक्ला को पुलिस ने सोमवार को गिरफ्तार कर लिया। करीब 10 दिन बाद हत्थे चढ़े आरोपी को पुलिस ने सीजेएम कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। अगली सुनवाई आठ दिसंबर को होगी। घनश्याम शुक्ला पर एक महिला अधिकारी के आवास में घुसकर हत्या का प्रयास और दुष्कर्म की कोशिश का केस दर्ज है।

एएसपी दीपेंद्र नाथ चौधरी ने मीडिया को बताया कि आरोपी नायब तहसीलदार घनश्याम शुक्ला को गिरफ्तार करने के लिए एसओजी सहित छह टीमें लगी थीं। एसओजी की मदद से आरोपी को सोमवार को दोपहर में करीब 1.45 बजे रोडवेज तिराहे के पास से गिरफ्तार किया गया। नायब तहसीलदार पर फरारी के दौरान पुलिस ने 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था। इस बीच उसने इलाहाबाद हाईकोर्ट में जमानत याचिका दायर कर दी थी। इस पर सुनवाई होनी है।

यह था मामला

घनश्याम शुक्ला के खिलाफ 16 नवंबर को महिला अधिकारी ने थाने में तहरीर देकर आरोप लगाया कि उसने 11-12 नवंबर की रात में घर में घुसकर दुष्कर्म का प्रयास किया। असफल रहने पर जान से मारने की कोशिश की। पुलिस ने 17 नवंबर को केस दर्ज किया। इसके बाद से नायब तहसीलदार फरार था।

इसी बीच डीएम की गठित समिति ने अपनी जांच में महिला अफसर के आरोपों को निराधार बताया। 20 नवंबर को शासन को रिपोर्ट भेजी गई। इसके बाद घनश्याम को निलंबित कर दिया गया। वहीं, पुलिस ने गैर जमानती वारंट जारी कराया और 25 हजार का इनाम घोषित कर दिया। इस मामले में पुलिस ने शनिवार को उसकी बहन, साले और ससुर को गिरफ्तार कर लिया था।

आरोपी ने किया सरेंडर करने का दावा

आरोपी नायब तहसीलदार ने सोशल मीडिया पर बयान जारी करके खुद को पुलिस के सामने सरेंडर करने का दावा किया है। हालांकि, पुलिस इसे खारिज कर रही है। अपने बयान में घनश्याम शुक्ला ने सरकार, न्यायपालिका और प्रशासन पर भरोसा जताते हुए न्याय मिलने की बात कही है।