39वें स्थापना दिवस के केंद्रीय कार्यक्रम में उत्कृष्ट परियोजनाएँ व श्रेष्ठ कर्मी हुए सम्मानित

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मंगलवार को भारत सरकार की मिनीरत्न कंपनी (एनसीएल) के 39 वें स्थापना दिवस के केन्द्रीय कार्यक्रम में में विभिन्न श्रेणियों में उत्कृष्ट परियोजनाओं व श्रेष्ठ कर्मियों को पुरस्कृत किया गया। सिंगरौली स्टेडियम में आयोजित केंद्रीय कार्यक्रम में एनसीएल के पूर्व सीएमडीगण श्री एस वी चाओजी, श्री वीरेंद्र कुमार सिंह, श्री टी के नाग, सुश्री शांतिलता साहू, एनसीएल के वर्तमान अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक श्री भोला सिंह, निदेशक (कार्मिक) श्री मनीष कुमार, निदेशक (वित्त) श्री रजनीश नारायण, निदेशक (तकनीकी/संचालन) श्री जितेन्द्र मलिक, निदेशक (तकनीकी /परियोजना एवं योजना) श्री सुनील प्रसाद सिंह, कृति महिला मण्डल की अध्यक्षा श्रीमती बिन्दु सिंह व उपाध्यक्षा, एनसीएल के जेसीसी सदस्य, सीएमओएआई के महासचिव, क्षेत्रीय महाप्रबंधक, मुख्यालय के विभागाध्यक्ष तथा बड़ी संख्या में एनसीएल कर्मी उपस्थित रहे ।

इस अवसर पर पुरस्कार हेतु परियोजनाओं को 15 मिलियन टन व से उससे अधिक (ग्रुप-ए) तथा 15 मिलियन टन से कम (ग्रुप-बी) उत्पादन की श्रेणी में बांटा गया था।

विभागीय कार्य में अधिकतम अवधि तक शून्य दुर्घटना के लिए सुरक्षा पुरस्कार (15 एमटी से अधिक) में खड़िया एवं (15 एमटी से कम) में कृष्णशिला क्षेत्र, पर्यावरण प्रबंधन में शानदार कार्य के लिए (15 एमटी से अधिक) में खड़िया एवं (15 एमटी से कम) में झिंगुरदा क्षेत्र, सीएसआर कार्यों के लिए आवंटित बजट के सबसे अधिकतम प्रतिशत उपयोग के लिए ग्रुप-ए में एनसीएल मुख्यालय और खड़िया क्षेत्र तथा ग्रुप-बी में ब्लॉक बी और सफलता पूर्वक सबसे अधिक सीएसआर प्रोजेक्ट पूरे करने के लिए ग्रुप-ए में निगाही व ग्रुप-बी में कृष्णशिला क्षेत्र को सम्मानित किया गया।

पूंजीगत निवेश बजट के सबसे अधिकतम प्रतिशत उपयोग के लिए ग्रुप-ए में दूधीचुआ तथा ग्रुप-बी में कृष्णशिला क्षेत्र, कोयले के स्टॉक में अधिकतम कमी में ग्रुप-ए में दूधीचुआ तथा ग्रुप-बी में ककरी, कोयले के सबसे अधिक प्रतिशत ग्रेड कन्फर्मेशन (कोयले की गुणवत्ता) में ग्रुप-ए में निगाही एवं ग्रुप-बी में कृष्णशिला क्षेत्र ने बाजी मारी। इसी के साथ इस दौरान कोयला उत्पादन में वृद्धि – पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में अधिकतम प्रतिशत वृद्धि के लिए (ग्रुप ए) में अमलोरी व (ग्रुप बी) में ब्लॉक-बी ने जीत हासिल की।

विभागीय ओबीआर की वृद्धि – पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में अधिकतम प्रतिशत वृद्धि- (ग्रुप-ए) में खड़िया व (ग्रुप-बी) में झिंगुरदा, कोयला प्रेषण में वृद्धि – पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में अधिकतम प्रतिशत वृद्धि के लिए (ग्रुप-ए) में जयंत व (ग्रुप-बी) में ब्लॉक बी क्षेत्र, सिस्टम कैपेसिटी यूटीलाइजेशन में गत वर्ष के मुकाबले सबसे अधिक प्रतिशत वृद्धि के लिए जयंत तथा ककरी क्षेत्र को पुरस्कृत किया गया। ड्रैगलाइन की क्षमता के अधिकतम उपयोग के लिए (ग्रुप-ए) में खड़िया व (ग्रुप-बी) में बीना, क्षेत्र सम्मानित हुए ।

कोयला एवं अधिभार के अधिकतम प्रतिशत वेटेड अवरेज लोड (टीपीएमएस) में (ग्रुप-ए) में दूधीचुआ व (ग्रुप-बी) में झिंगुरदा क्षेत्र, पाउडर फैक्टर के लिए (ग्रुप-ए) में अमलोरी व (ग्रुप-बी) में ककरी क्षेत्र, सबसे अधिक लाभ अर्जित करने में (ग्रुप-ए) में दूधीचुआ व (ग्रुप-बी) में ब्लॉक बी अव्वल रहे। सबसे अधिक संख्या में अतिक्रमण खाली कराने एवं हटाने में (ग्रुप ए) में जयंत व (ग्रुप बी) में बीना क्षेत्र, अधिकतम रोगी संभालने वाली डिस्पेन्सरी के लिए (ग्रुप -ए) में अमलोरी और (ग्रुप-बी) में ककरी क्षेत्र को सम्मान मिला।

अधिकतम प्रतिशत नियंत्रणीय लागत में कमी हेतु (ग्रुप-ए) में अमलोरी व (ग्रुप-बी) में कृष्णशिला क्षेत्र, एनसीएल स्वच्छता पुरस्कार से (ग्रुप-ए) में निगाही व (ग्रुप-बी) में झिंगुरदा क्षेत्र को पुरस्कृत किया गया। सर्वोत्तम औधौगिक संबंध बनाए रखने के लिए मुख्यालय और अमोलरी क्षेत्र को पुरस्कार मिला।
इस अवसर पर एनसीएल के सभी क्षेत्रों व इकाइयों के उत्कृष्ट कर्मियों को विभिन्न विधाओं मेन भी सम्मानित किया गया ।
रिपोर्ट – दिनेश शर्मा