सिद्धार्थनगर: बुजुर्ग से अमानवीय व्यवहार करने वाले 4 आरोपी गिरफ्तार: मुंह पर कालिख पोतकर, गले में जूते-चप्पल की माला पहनाकर गांव में घुमाया था

288

मुंह पर कालिख और गले में चप्पल की माला डालकर वृद्ध को घुमाया


गोल्हौरा के तिघराराय में बुजुर्ग के मुंह पर कालिख पोतकर, गले में जूता-चप्पल की माला पहना कर तथा मफलर से हाथ बांधकर गांव में घुमाने वाले 4 आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। सभी के खिलाफ विधिक कार्रवाई करते हुए उन्हें न्यायालय भेजा गया। तीन दिन पहले कुछ लड़कों ने वृद्ध के साथ अभद्रता की थी। जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल किया था। इसके बाद पुलिस हरकत में आई और आरोपियों को गिरफ्तार किया।


वृद्ध को अपमानित करने की घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस ने तुरन्त एक्शन में आई। घटना को लेकर तरह तरह की चर्चाएं हो रही हैं। कोई कहता है कि वृद्ध महिला पर आपत्तिजनक बात कही, जिसके चलते कुछ लड़के खुद तालिबानी सजा देने लगे। कुछ का कहना है कि बुजुर्ग मजाकिया किस्म का आदमी है। अक्सर वह लोगों से हंसी मजाक करता था। यही हंसी मजाक की बिगड़ी आदत में उसने अपने से किसी कम उम्र की महिला को हंसी मजाक में भाभी कह दिया था। जोकि उसके घर वालों को बुरा लग गया। ये बात कुछ लड़कों को पता चली तो उन्होंने अमानवीय कार्य किया। मानवीय घटना का वीडियो वायरल होने पर अपराध एवं अपराधियों के विरूद्ध चलाये जा रहे अभियान के तहत थानाध्यक्ष गोल्हौरा ने 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया।

इन धाराओं में दर्ज हुआ मुकदमा

पुलिस ने धारा 341,323,504,506,458 के तहत 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार किए गए तीन आरोपी जफर पुत्र बैतुल्लाह, अमन पुत्र ब्रजभूषण पाण्डेय, अखिलेश साहनी पुत्र रामानंद साहनी ग्राम तिघराराय निवासी है। चौथा आरोपी घनश्याम तिवारी उर्फ मुरलिया बाबा पुत्र शारदा प्रसाद, ग्राम रमवापुर, थाना पथरा बाजार, जनपद सिद्धार्थनगर का निवासी हैं।

मुंह पर कालिख और गले में चप्पल की माला डालकर वृद्ध को घुमाया

स्थानीय थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी एक व्यक्ति के चेहरे पर कालिख पोता गया, जमीन पर थूक चटाया गया और फिर गले में चप्पल की माला डालकर उसे कुछ लोगों ने घुमाया भी है। इस पूरे घटनाक्रम के पीछे महिला से बात करने की चर्चा है। हालांकि पुलिस तक मामला पहुंचा तो खुद वृद्ध ने इसे मजाक बताया। साथ ही किसी ने कोई शिकायती पत्र भी नहीं दिया है। पुलिस ने मामले की जांच करके वृद्ध को उनके परिजनों को सौंप दिया। इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है। लेकिन एमएनटी न्यूज वीडियो की सत्यता की पुष्टि नहीं करता है।