खलीलाबाद-श्रावस्ती-बलरामपुर नई रेल लाइन को विशेष प्रोजेक्ट का दर्जा

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श्रावस्ती। खलीलाबाद-बहराइच वाया श्रावस्ती रेल लाइन का फेज 2 का निर्माण नए वर्ष से शुरू होगा। पहले चरण में भूमि अधिग्रहण किया जाएगा। इस फेज को सरकार ने विशेष प्रोजेक्ट घोषित किया है। इसके बाद बजट की कमी नहीं रहेगी।

खलीलाबाद-बहराइच वाया श्रावस्ती नई रेल लाइन परियोजना को पूरा करने के लिए कार्य को दो फेज में बांटा गया है। पहले चरण में खलीलाबाद से बांसी तक का कार्य पूरा करना है। इस चरण में अभी तक भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया लगभग पूरी हो चुकी है। यहां तक बांसी-खेसरहा रूट पर लगभग दस किलोमीटर स्टोन ब्लास्ट व मिट्टी का कार्य चल रहा है।

काम करने वाली एजेंसी का दावा है कि चार माह के अंदर दस किलोमीटर का कार्य पटरी पर आ जाएगा। वहीं फेज टू में बांसी से बहराइच के मध्य रेल लाइन का कार्य किया जाना है। इस फेज को भारत सरकार ने विशेष प्रोजेक्ट का दर्जा दिया है। इसके चलते यह फेज फरवरी माह से शुरू होना है।
पहले चरण में भूमि अधिग्रहण किया जाएगा। इस नए रेल रूट पर 16 स्टेशन 12 हाॅल्ट बनाया जाएगा। इसके साथ ही श्रावस्ती के राप्ती नदी पर दो पुल का निर्माण भी होगा।
जमीन अधिग्रहण की चल रही तैयारी
पूरी परियोजना में 240 किलोमीटर लंबी रेल लाइन को बिछाने में 4940 करोड़ रुपये खर्च किया जाना है। इसके लिए अभी तक सिद्धार्थनगर में ही इस इस वर्ष 263 हेक्टेयर भूमि लिया जा चुका है। जबकि खलीलाबाद-बांसी के बीच 263 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण करने की तैयारी चल रही है। पूरी रेल लाइन बिछाने के लिए 1174 हेक्टेयर भूमि की आवश्यकता है। इसमें श्रावस्ती व बहराइच में भी रेल लाइन बिछाने के लिए जरूरी भूमि शामिल है।

2026 तक कार्य पूरा करने का है लक्ष्य

खलीलाबाद,मेहदावल, डुमरियागंज, उत्तरौला, श्रावस्ती, भिनगा व बहराइच तक 240.26 किमी लंबी रेल लाइन को पूरा करने के लिए वर्ष 2026 तक का लक्ष्य निर्धारित है। इस परियोजना को अक्टूबर 2018 में मंजूरी मिली थी।