सिद्धार्थनगर: इनकम टैक्स वाले ले रहे थे सम्मान निधि, शुरू हुई रिकवरी

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सिद्धार्थनगर। आयकर दाता होते हुए भी जिले के १३ हजार लोग प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि का लाभ रहे थे। कृषि विभाग की ओर से कराए गए सर्वे में यह खुलासा हुआ है। सम्मान निधि पर रोक लगाते हुए रिकवरी के लिए नोटिस भेजने की प्रक्रिया विभाग ने शुरू कर दी है। इसमें दो हजार लोग जानकारी मिलने के बाद धन बैंक में जमा कर दिए हैं। जबकि ११ हजार ऐसे लोग हैं, जो आगे नहीं आ रहे हैं, अब विभाग की ओर से इन खाता धारकों को नोटिस जारी किया जाएगा। इसके बाद अगर वापसी नहीं हुई तो कार्रवाई की जाएगी।
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केंद्र और प्रदेश की सरकार किसानों की आय को दोगुना करने के लिए कई प्रकार योजनाओं को चलाकर लाभ दे रही है। इसके साथ ही केंद्र सरकार की ओर से वर्ष २०१९ में किसानों को प्रोत्साहन के रूप में किसान सम्मान निधि देने की योजना शुरू की। इस में एक किसान को वार्षिक छह हजार रुपये निर्धारित किया है। जो तीन किस्त में रूप दो- दो हजार रुपये बैंक खाते में आता है। इसमें आयकर दाता, सरकारी नौकरी वालों को योजना से बाहर रखा गया था। लेकिन जब योजना की शुरुआत हुई तो जिनके नाम से खेत की भूमि थी, उन्हें आनन-फानन में योजना से जोड़ दिया गया।

गलत लोगों के चयन को लेकर कई बार जांच हुई, लेकिन बहुत कम लोग बाहर हो पाए। जुलाई माह में केंद्र सरकार की ओर से एक सर्वे हुआ। इसमें मानक के बाहर और मृतक लोगों को छांटकर बाहर करने और नये लोगों को जोडऩे का कार्य शुरू हुआ। इसमें ११ हजार ऐसे खाते पकड़ में आए, जो आयकर दाता हैं। इसमें अधिकांश सरकारी नौकरी करने वाले हैं, जो सम्मान निधि का लाभ ले रहे हैं। कोई तीन तो कोई चार और पांच किस्त ले चुका है। पूर्व में मिले दो हजार से अधिक आयकर दाता पकड़े गए थे, नोटिस के बाद भारत सरकार के खाते में वापस कर दिए। अब ११ हजार और लोगों को नोटिस भेजने की प्रक्रिया शुरू की गई। जो लगभग एक करोड़ रुपये दबाए बैठे हैं। जल्द ही इनसे रिकवरी की जाएगी।

आधार से पकड़ में आया खाता

जांच तो कई बार हुआ, लेकिन तीन स्तर पर जब जांच की गई तो आधार बेस के जरिए पहचान की गई। इसमें पकड़ में आया कि इतनी बड़ी संख्या में लोग योजना को लाभ ले रहे हैं। पहले इनके खाते पर रोक लगा दिया गया, सम्मान निधि नहीं जा रही है। इसके बाद रिकवरी की प्रक्रिया शुरू की गई है।

इस प्रकार से हुई गड़बड़ी
राजस्व विभाग से जुड़े एक अधिकारी के मुताबिक जब योजना की शुरुआत हुई तो कृषि और राजस्व विभाग को अधिक से अधिक किसानों को जोडऩे का लक्ष्य दे दिया गया। लक्ष्य पूरा करने के लिए यह लोग सूची को उठाए और अपने- अपने क्षेत्र के किसानों से बैंक खाता और अन्य दस्तावेज लेकर जोड़ दिए। परिवार को भी जानकारी नहीं थी। जिसको मिलना है वह नौकरी कर रहा है और उसे पता ही नहीं है कि वह योजना से जुड़ गया है। वहीं, कुछ लोग ऐसे हैं जो जानते हुए भी योजना का लाभ ले रहे थे।

जिले में योजना से जुड़े हैं इतने किसान

कृषि विभाग के आकड़ों को मुताबिक जिले में ३.७० लाख किसान प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना से जुड़े हुए हैं। इसमें कुछ तकरीबन २५ हजार किसान मृतक पाए गए थे। जिन्हें से सूची से बाहर करते हुए उनके परिवार को जोडने की प्रक्रिया शुरू हुई है।
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बोले जिम्मेदार

आयकर दाता होते हुए किसान सम्मान निधि का लाभ लेने वाले १३ हजार लोग मिले हैं। उनके खातों पर रोक लगाने के साथ ही धनवापसी के लिए बताया गया है, दो हजार लोग वापस भी कर चुके हैं। नोटिस जारी करने की प्रक्रिया चल रही है।

आरके विश्वकर्मा, उपकृषि निदेशक, श्याम सुंदर तिवारी
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