Varanasi: ज्ञानवापी की परिक्रमा करने जा रहे स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को पुलिस ने रोका, पूछा- जब नमाज पर रोक नहीं तो मुझें क्यों रोका जा रहा

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उत्तर प्रदेश के वाराणसी जनपद में शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती (Swami Avimukteshwaranand Saraswati) द्वारा ज्ञानवापी (Gyanvapi) की परिक्रमा को लेकर विद्या मठ से मंदिर के गेट नंबर चार सहित सभी प्रमुख स्थानों पर पुलिस की भारी फोर्स तैनात है। आश्रम के बाहर ही स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती को रोका गया है। परिक्रमा से पहले पुलिस व प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि धारा 144 लागू है ऐसे में परिक्रमा की अनुमति नहीं है।

अविमुक्तेश्वरानंद अपने निर्णय पर अडिग
इस पर स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने पुलिस से पूछा कि जब नमाज पर रोक नहीं हैं तो मुझे क्यों रोका जा रहा है। इस पर पुलिस ने कहा कि किसी नई परंपरा की परमिशन नहीं दी जा सकती है। वहीं, शंकराचार्य ने कहा कि यह कोई नई परंपरा नहीं है। परिक्रमा करने की हमारी परंपरा बहुत पुरानी है।

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जानकारी के अनुसार, स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के अनुयायी व अधिवक्ता अनुमति का प्रार्थना पत्र लेकर पुलिस आफिस गए हैं। ज्योतिष मठ से वे दो दिन पहले ही काशी आए हैं। उन्होंने ‘मूल काशी विश्वनाथ मंदिर’ की परिक्रमा की घोषणा की है। इसे लेकर प्रशासन अलर्ट हो गया है। सोनारपुरा, मदनपुरा, जंगमबाड़ी, गोदौलिया, बांसफटक होते हुए के वीएम के गेट नंबर 4 तक फोर्स की तैनाती बढ़ा दी गई है।

धारा 144 लागू होने का हवाला देते हुए पुलिस ने परिक्रमा के लिए न जाने का आग्रह किया है, लेकिन अविमुक्तेश्वरानंद अपने निर्णय पर अडिग हैं। उनका कहना है कि अब तो एएसआई के 839 पन्ने की रिपोर्ट में भी वहां मंदिर होने के साक्ष्य मिले है। इसके अलावा आंखों से देखकर भी कोई भी यह कह सकता है कि ज्ञानवापी कोई मस्जिद नहीं बल्कि पुरातन हिंदू मंदिर है। अतः उनकी इच्छा इस परिसर की परिक्रमा करने की है। वे निषिद्ध क्षेत्र में नहीं जाएंगे। कानून-व्यवस्था का उल्लंघन नहीं करेंगे। सिर्फ दो लोग आवागमन की अनुमति वाले क्षेत्र से होते हुए परिक्रमा कर लेंगे।

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स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने कहा कि वहां देव विग्रह मिले है। ज्ञानवापी में सालों से पूजा-पाठ नहीं हो रही है। कोर्ट में भी इसके लिए हमलोगों ने अपील की है जिसपर सुनवाई हो रही है। शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने पहले ही ज्ञानवापी के परिक्रमा का ऐलान किया था। जिसके मद्देनजर सुबह से ही बड़ी संख्या में पुलिस की तैनाती उनके मठ के बाहर की गई थी। इसके अलावा गोदौलिया और काशी विश्वनाथ मंदिर के बाहर भी कड़े सुरक्षा के इंतजाम किए गए थे।

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