सहायक खंड विकास अधिकारी के निर्देशों का उड़ाई गयी धज्जियां

321

*ग्राम सभा से लगभग दो माह तक लापता पंचायत सहायक का किया का मानदेय भुगतान।*

रिपोर्ट:ब्यूरो कार्यालय।

निचलौल।ब्लाक क्षेत्र अंतर्गत ग्राम सभा मोजरी में बिना काम किये ही पंचायत सहायक का ग्राम विकास अधिकारी द्वारा मानदेय का किया गया भुगतान।

प्राप्त जानकारी के अनुसार ग्राम सभा मोजरी में पंचायत सहायक पद पर कार्यरत संदेश प्रजापति द्वारा लगातार ग्राम सभा से गायब रहने के कारण ग्रामीणों का विभाग से संबंधित कार्य अवरुद्ध हो रहा था।पंचायत सहायक किस कारण कार्यालय से अनुपस्थित हैं इसकी जानकारी ग्राम प्रधान से लेकर ब्लाक के आलाधिकारी तक को पता नही था।सहायक खंड विकास अधिकारी विनय कुमार पांडेय के आकस्मिक क्षेत्र भ्रमण के दौरान भी पंचायत सहायक संदेश प्रजापति गायब मिले थें जिसके सन्दर्भ में सहायक खंड विकास अधिकारी विनय कुमार पांडेय ने संबंधित ग्राम विकास अधिकारी एलहाक अंसारी को निर्देशित किया था कि पंचायत सहायक संदेश प्रजापति का मानदेय अग्रिम निर्देश तक बाधित किया जाय।लेकिन ग्राम विकास अधिकारी एलहाक अंसारी ने अधिकारी के निर्देशों को दरकिनार कर मानदेय पूर्णरूप से भुगतान कर दिया।
*आइये जानते हैं ग्राम प्रधान तेज कुमार गुप्त ने क्या कहा।*

मानदेय भुगतान के संदर्भ में ग्राम प्रधान तेज कुमार गुप्त ने बताया कि पंचायत सहायक संदेश प्रजापति बिना कोई सूचना दिए ही लगातार लगभग दो माह से अनुपस्थित थें जिसकी जानकारी हमारे द्वारा ग्राम विकास अधिकारी एलहाक अंसारी को दिया गया था तथा मानदेय बाधित करने के लिए कहा गया था।लेकिन मनमानी तरीके से मानदेय स्वीकृत कर दिया गया।जो जांच का विषय हैं।

*अनुपस्थिति के बारे में पंचायत सहायक संदेश प्रजापति ने कहा।*

हमारे संवाददाता ने जब पंचायत सहायक संदेश प्रजापति से लगातार अनुपस्थित के बारे में जानकारी लिया तो उनके द्वारा बताया गया कि मौसी का तबियत खराब था जिनको लेकर मैं बैंगलोर चला गया था जिसमें मुझे डेढ़-दो महीने बाहर रहना पड़ा।जब हमारे संवाददाता ने पूछा कि क्या आप के द्वारा अवकाश लिया गया था।इस सवाल के जबाब में पंचायत सहायक संदेश प्रजापति के जुबान लड़खड़ाने लगा और फोन कट गया।

*ग्राम विकास अधिकारी एलहाक अंसारी ने क्या कहा।*
हमारे संवाददाता द्वारा जब ग्राम विकास अधिकारी एलहाक अंसारी से जानकारी लिया गया तो उनके द्वारा कहा गया कि पंचायत सहायक का उपस्थिति रजिस्टर देखा गया हैं उसमें उपस्थिति दर्ज हैं आगे मैं फोन पर कुछ नही बताऊंगा आप लोग बात रिकॉर्ड करते हैं यही कहकर ग्राम विकास अधिकारी एलहाक अंसारी ने फोन रख दिए।ऐसे में सवाल उठना लाजिमी हैं कि जब स्वयं पंचायत सहायक कह रहे हैं कि मैं डेढ़-दो महीने बैंगलोर था।तो फिर उपस्थिति कैसे लग गयी।सबसे हैरान करने वाला बात यह हैं कि सहायक खंड विकास अधिकारी और ग्राम प्रधान के मना करने के बाद भी ग्राम विकास अधिकारी को ऐसी क्या मजबूरी आ पड़ी जिससे पंचायत सहायक संदेश प्रजापति का अनुपस्थित रहने के बाद भी मानदेय भुगतान करना पड़ा।

*मानदेय भुगतान का मामला गया जिलाधिकारी के समक्ष।*

सामाजिक कार्यकर्ता प्रदीप कुमार ने अधिकारी के निर्देश का अवमानना कर मनमानी तरीके से भुगतान का शिकायत कर जांच का मांग किया हैं।

विज्ञापन बॉक्स