भारत-नेपाल सीमा पर स्थित सिद्धार्थनगर जिले के सीमावर्ती क्षेत्रों में तस्करी का खेल जारी है। सशस्त्र सीमा बल (SSB) ने हाल ही में बड़ी कार्रवाई करते हुए भारी मात्रा में खाद बरामद की है। ककरहवा, अलीगढ़वा, बजहा और खुनुवा जैसे सीमावर्ती क्षेत्र तस्करों के लिए एक प्रमुख ‘ट्रांजिट पॉइंट’ बन गए हैं। सुरक्षा एजेंसियों की सख्ती के बावजूद भारत से नेपाल की ओर खाद, डीजल और धान के बीज की बड़े पैमाने पर तस्करी लगातार जारी है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि सीमा पर सुरक्षा बल तैनात होने के बावजूद, मांग के अनुरूप सामान का अवैध आवागमन एक आम बात हो गई है। 43वीं वाहिनी SSB ने पिछले कुछ दिनों में तस्करों के प्रयासों को विफल करते हुए कई महत्वपूर्ण बरामदगियां की हैं। 8 जून 2026 को, 43वीं वाहिनी की सीमा चौकी ककरहवा ने विशेष गश्ती के दौरान सीमा स्तंभ संख्या 543/1 के पास एक पियाजियो ऑटो (UP55 AT 6144) को रोका। वाहन की तलाशी लेने पर उसमें से 23 बोरी यूरिया खाद बरामद हुई। इससे पहले, 3 जून 2026 को, सीमा चौकी बाणगंगा के जवानों ने सीमा स्तंभ संख्या 557 के पास परसौना गांव के निकट संदिग्धों को रोका। इस कार्रवाई में 25 बोरी डीएपी, 27 बोरी यूरिया और 12 साइकिलें जब्त की गईं। जब्त किए गए माल को आगे की कार्रवाई के लिए CMPU बढ़नी को सौंप दिया गया है। क्षेत्रीय लोगों के अनुसार, सुरक्षा बलों की कार्रवाई के बावजूद, इस सीमा पर अवैध व्यापार एक बड़ा संगठित नेटवर्क बन चुका है। बजहा के गौरी क्षेत्र सहित कई इलाकों में जानकारी होने के बावजूद तस्कर सक्रिय हैं। पुलिस और SSB द्वारा हाल ही में की गई गिरफ्तारियां सीमा पर निरंतर चौकसी की आवश्यकता को दर्शाती हैं। 43वीं वाहिनी SSB, सिद्धार्थनगर, भारत-नेपाल सीमा पर मानव तस्करी, नशीली दवाओं, अवैध मुद्रा, वन्यजीवों और आवश्यक वस्तुओं की तस्करी को रोकने के लिए लगातार प्रयासरत है। अधिकारियों ने बताया कि संबंधित संलिप्त व्यक्तियों पर कानून के दायरे में रहकर कड़ी कार्रवाई की जा रही है। भारत-नेपाल सीमा पर खाद और ईंधन की यह तस्करी न केवल भारत के संसाधनों का नुकसान है, बल्कि स्थानीय किसानों की जरूरतों पर भी सीधा असर डालती है।
बर्डपुर में 23 बोरी यूरिया खाद पकड़ा:भारत-नेपाल सीमा पर तस्कर को SSB ने दबोचा
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