जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने नरेंद्र मोदी सरकार पर बड़ा आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) के एक पदाधिकारी ने उनकी पार्टी के एक विधायक को पैसे, मंत्री पद और राज्य का दर्जा देने का ऑफर दिया था। उन्होंने कहा कि ऑफर देने वाला शख्स, पार्टी के शीर्ष नेतृत्व शामिल है।
उमर अब्दुल्ला ने दावा किया है कि भारतीय जनता पार्टी का एक सुप्रीम कोर्ट वकील अपने एक जम्मू वाले विधायक को बंद कमरे में मिला और पार्टी तोड़ने का ऑफर दिया। उमर अब्दुल्ला ने दावा किया है कि उनके विधायक ने बीजेपी का यह ऑफर ठुकरा दिया।
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’30 करोड़ का ऑफर, मंत्री का दर्जा…’
उमर अब्दुल्ला ने कहा, ‘हम आपको 20 से 30 करोड़ रुपये, एक मंत्री पद और जम्मू-कश्मीर को राज्य का दर्जा देंगे। आप हमारे साथ आ जाइए।’ विधायक ने यह ऑफर ठुकरा दिया और पूरी बात मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला को बता दी।
‘लोगों की ईमानदारी सस्ती नहीं…’
उमर अब्दुल्ला ने कहा, ‘भारतीय जनता पार्टी सोचती है कि लोगों की ईमानदारी इतनी सस्ती है। उन्होंने बीजेपी पर आरोप लगाया कि वह पीछे की दरवाजे से सत्ता में आने की कोशिश कर रही है।’
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BJP ने क्या कहा है?
भारतीय जनता पार्टी ने इन आरोपों का जवाब दिया है। पार्टी प्रवक्ता और विधायक आरएस पठानिया ने कहा, ‘उमर अब्दुल्ला को या तो बीजेपी नेता और विधायक का नाम बताना चाहिए या सार्वजनिक माफी मांगनी चाहिए। अगर सबूत नहीं दिए तो कानूनी कार्रवाई की जाएगी।’ BJP का कहना है कि उमर अब्दुल्ला अपने सरकार की नाकामियों से ध्यान हटाने के लिए बेबुनियाद आरोप लगा रहे हैं।
किस तैयारी में हैं उमर अब्दुल्ला?
नेशनल कॉन्फ्रेंस 20 जुलाई को दिल्ली के जंतर-मंतर पर जम्मू-कश्मीर को पूर्ण राज्य का दर्जा देने की मांग को लेकर प्रदर्शन करने जा रही है। उमर अब्दुल्ला ने सभी पार्टियों से अपील की है कि चुनावी लड़ाई भूलकर इस मुद्दे पर साथ आएं।












