गाड़ियों पर जातिसूचक शब्द लिखवाने वालों को चालान को पर्ची थमा रही UP Police, जानें क्या है नियम

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सोशल मीडिया पर कई ऐसे वीडियो वायरल हो रहे हैं, जिसमे पुलिसकर्मी ऐसे गाड़ियों के चालान काट रहे हैं, जिन पर जातिसूचक शब्द लिखे हैं। पुलिस विभाग की इस कार्रवाई से उत्तर प्रदेश में हड़कंप मचा हुआ है। हाल ही सीएम योगी ने एक बार फिर से ऐसी गाड़ियां पर कार्रवाई के आदेश दिए हैं, जिन पर ऐसा कुछ लिखा है। इसी क्रम में प्रदेश के नोएडा में पुलिसकर्मियों ने गाड़ियों को रोक रोक के उनके चालान काटे। इसी बीच ये सवाल यह उठ रहा है कि क्या यूपी पुलिस की कार्रवाई पहले से तय किए गए नियमानुसार है या कोई नया नियम बनाया गया है। आइए जानते हैं इस बारे में ।

ये है नियम


जानकारी के मुताबिक, वाहनों पर गलत तरीके से नंबर प्लेट का उपयोग करना, पदनाम लिखकर चलना, लाल-नीली बत्ती का दुरुपयोग जैसे कई मामलों पर उच्च न्यायालय के निर्देश के बाद एक अधिसूचना जारी की गई थी। कई सालों तक कोई भी सख्त कदम नहीं उठाया गया, अब योगी सरकार के आदेश पर कार्रवाई हो रही है।

नियमों के अनुसार, वाहनों की नंबर प्लेट पर रजिस्ट्रेशन नंबर के अतिरिक्त किसी भी अनधिकृत लिखने की अनुमति नहीं है। एमवी एक्ट में नियम न का पालन करने पर पहली बार 500 रुपये और दूसरी बार 1500 रुपये तक का जुर्माना है। इसके अलावा, नंबर प्लेट पर लिखाई के आकार के लिए भी नियम है।

पुलिस ने दी जानकारी


मामले में गौतमबुद्ध नगर जिले की ट्रैफिक पुलिस ने विशेष अभियान चलाकर एक ही दिन ने जाति और धर्म सूचक शब्द लिखे और शीशे पर काली फिल्म लगाने वाले एक हजार से ज्यादा वाहनों के चालान काटे। पुलिस उपायुक्त अनिल कुमार यादव ने बताया कि वाहनों पर धर्म और जाति सूचक शब्द लिखना यातायात नियमों की अवहेलना है, इसी वजह से ये करवाई की जा रही है।