विधायक भिनगा विधायक श्रावस्ती एवं जिलाधिकारी की अध्यक्षता में जिला भूमि एवं जल संरक्षण समिति एवं जिला मिशन समिति की बैठक सम्पन्न

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देश एवं प्रदेश की सरकार किसानों के उत्थान हेतु है प्रतिबद्ध- विधायक श्रावस्ती

रिपोर्ट । प्रवीण कुमार मिश्रा

श्रावस्ती। विधायक श्रावस्ती राम फेरन पाण्डेय, विधायक भिनगा इन्द्राणी वर्मा एवं जिलाधिकारी कृतिका शर्मा की अध्यक्षता में जिला भूमि एवं जल संरक्षण समिति एवं जिला मिशन समिति की बैठक कलेक्ट्रेट सभागार में सम्पन्न हुई। बैठक में मृदा स्वास्थ्य, पोषक तत्व प्रबन्धन, प्राकृतिक खेती एवं बीज उत्पादन के बारे में विस्तृत चर्चा की गई।बैठक में मा0 विधायक श्रावस्ती ने कहा कि देश एवं प्रदेश सरकार जन-जन के उत्थान हेतु प्रतिबद्ध है। उन्होने कहा कि यदि गांव का किसान खुशहाल रहेगा तो निश्चित ही हमारे समाज के साथ-साथ प्रदेश एवं देश में खुशहाली आयेगी। उत्पादन एंव उत्पादकता में वृद्धि हेतु कृषि वैज्ञानिकों के संरक्षण में उनके द्वारा बताये गये वैज्ञानिक तरीकों को अपनाकर खेती करें, जिससे देश कृषि के मामले में आत्मनिर्भर होगा एवं कृषकों की आय दोगुुनी हो सकेगी। उन्होने भूमि संरक्षण अनुभाग द्वारा संचालित योजनाओं में कृषकों को लाभ प्रदान करके सरकार की मंशा के अनुरूप कृषकों की आय दोगुनी कराने के निर्देश दिये तथा लक्ष्य के सापेक्ष सरकार से शीघ्र बजट उपलब्ध कराने का भी आश्वासन दिया। विधायक भिनगा ने कहा कि किसान भाई आर्थिक समृद्धि के लिए विषमुक्त प्राकृतिक खेती को अपनाये व फसल सघनता बढ़ाये। जिससे वे आर्थिक रूप से भी सक्षम हो सके। उन्होंने भूमि संरक्षण अनुभाग द्वारा कराये जाने वाले कार्यो को गुणवता के साथ कराये जाने का भी निर्देश दिया।बैठक में जिलाधिकारी द्वारा जनपद में संचालित योजनाओं का व्यापक प्रचार करके कृषकों को जागरूक करने हेतु विशेष प्रयास करने हेतु निर्देशित किया। उन्होने कहा कि जनपद के कृषकों की आय दोगुना करने हेतु मिश्रित खेती के विस्तृत प्रचार-प्रसार किया जाए। उन्होने कहा कि मनरेगा योजनान्तर्गत् चेकडेम का कार्य कराया जाये, जिससे कि जल संचयन की प्रक्रिया बढायी जा सके।
मुख्य विकास अधिकारी ने कहा कि सरकार द्वारा किसानों के हित में तमाम योजनाऐं चलाई जा रही है। किसान भाई सरकार की योजनाओं से लाभ उठावें और वैज्ञानिक विधि से उन्नतशील खेती करके वे अपने खेतों में बेहतर उत्पादन करें, जिससे उनकी आमदनी भी बढे और आर्थिक रुप से भी वे समृद्ध बनें।
बैठक मे उप कृषि निदेशक कमल कटियार ने भूमि संरक्षण अनुभाग में संचालित योजनाओं के बारे में विस्तृत चर्चा करते हुये बताया कि पं0 दीन दयाल उपाध्याय किसान समृद्वि योजना के अन्तर्गत चयनित जमीन को समतल कर छोटे-छोटे खेत, मेढ़बन्दी और अवरोध बांध बनाये जाते है। संरचनाये ऐसी होती है, कि उस क्षेत्र मे बाहर का पानी न आये और अन्दर का पानी बाहर न जाकर रिसता हुआ जमीन के अन्दर जाये। जनपद में खेत तालाब योजनान्तर्गत 4 मध्यम तालाब (30x35x3 मी0 साइज) तथा 4 लघु तालाब (20x22x3 मी0 साइज) का लक्ष्य प्राप्त हुआ है। जिससे सिंचन क्षमता में वृद्वि के साथ-साथ मत्स्य पालन सिंघाड़े की खेती आदि लाभांे की चर्चा की गयी। वर्षा सिंचित क्षेत्र विकास अन्तर्गत् योजनान्तर्गत् डेयरी फार्मिंग सिस्टम, लाइवस्टाक फार्मिग, हार्टीकल्चर फार्मिग, एग्रोफॉरेस्ट्री फार्मिंग आदि कार्य कराये जाते हैं, साथ ही वैल्यू ऐडिशन मद मे पोस्ट हार्वेस्ट स्टोरेज, वर्मी कम्पोस्ट, कम्पोस्ट स्ट्रक्चर आदि कार्य कराये जाते है, जो कृषको के आय बढ़ाने मे मदद करते है।
बैठक समाप्त होने पर उप निदेशक कृषि ने उपस्थित सभी माननीय जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों को धन्यवाद देते हुये बैठक का समापन किया।
इस अवसर पर मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डा0 मानव, सहायक निदेशक मत्स्य सुरेश कुमार, जिला कृषि अधिकारी/प्रभारी भूमि संरक्षण अधिकारी अनिल प्रसाद मिश्रा, जिला उद्यान अधिकारी दिनेश कुमार चौधरी, उपसम्भागीय कृषि प्रसार अधिकारी मनौवर अली सहित अन्य सदस्य गण, मा0 जनप्रतिनिधिगण एवं कृषक बन्धु उपस्थित रहे।

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