सिद्धार्थनगर में प्रधानमंत्री स्वनिधि (पीएम स्वनिधि) योजना के छह वर्ष पूरे होने पर सोमवार को स्वनिधि महोत्सव आयोजित किया गया। नगर पालिका परिषद सिद्धार्थनगर में हुए इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्ट्रीट वेंडरों, अधिकारियों और कर्मचारियों ने भाग लिया। महोत्सव के दौरान पात्र लाभार्थियों को ऋण स्वीकृति पत्र और चेक वितरित किए गए, साथ ही छोटे व्यापारियों को योजना के प्रति जागरूक भी किया गया। अधिकारियों ने बताया कि पीएम स्वनिधि योजना छोटे व्यापारियों के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए केंद्र सरकार की एक महत्वपूर्ण पहल है। इस योजना ने कोरोना महामारी के बाद प्रभावित हुए लाखों स्ट्रीट वेंडरों को अपना व्यवसाय फिर से स्थापित करने और आगे बढ़ाने में मदद की है। यह योजना स्वरोजगार को बढ़ावा देने के साथ-साथ छोटे व्यापारियों को औपचारिक बैंकिंग प्रणाली से भी जोड़ रही है। अधिकारियों ने लाभार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि योजना का मुख्य उद्देश्य केवल ऋण प्रदान करना नहीं, बल्कि स्ट्रीट वेंडरों को आत्मनिर्भर बनाना है। उन्होंने लाभार्थियों से अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने, डिजिटल लेनदेन अपनाने और अपने व्यवसाय को बढ़ाने का आग्रह किया। इसके अतिरिक्त, नगर को स्वच्छ और सुंदर बनाए रखने के लिए कूड़ा निर्धारित स्थानों पर डालने और जल संरक्षण में सक्रिय भागीदारी निभाने की अपील भी की गई। अधिशासी अधिकारी अजय कुमार सिंह ने जानकारी दी कि पीएम स्वनिधि योजना के तहत समय पर ऋण चुकाने वाले लाभार्थियों को चरणबद्ध तरीके से अधिक राशि का ऋण उपलब्ध कराया जाता है। उन्होंने बताया कि नियमित भुगतान करने वाले स्ट्रीट वेंडरों को पहले चरण में 15 हजार रुपये, दूसरे चरण में 25 हजार रुपये और तीसरे चरण में 50 हजार रुपये तक का ऋण दिया जाता है। यह प्रावधान छोटे व्यापारियों को अपने कारोबार का विस्तार करने और आय बढ़ाने में सहायता करता है। उन्होंने कहा कि लाभार्थियों द्वारा समय पर ऋण अदायगी किए जाने से उनकी बैंकिंग साख मजबूत होती है, जिससे भविष्य में उन्हें अन्य वित्तीय सुविधाएं प्राप्त करने में भी आसानी होती है। उन्होंने सभी लाभार्थियों से समयबद्ध तरीके से ऋण चुकाने तथा डिजिटल भुगतान को अधिक से अधिक अपनाने का आग्रह किया।
स्वनिधि महोत्सव के दौरान ऋण वितरण कार्यक्रम के साथ डिजिटल भुगतान, वित्तीय साक्षरता एवं सरकारी योजनाओं की जानकारी से संबंधित जागरूकता कार्यक्रम भी आयोजित किए गए। उपस्थित स्ट्रीट वेंडरों को ऑनलाइन भुगतान प्रणाली, यूपीआई लेनदेन, बैंकिंग सेवाओं तथा वित्तीय प्रबंधन के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। अधिकारियों ने बताया कि डिजिटल लेनदेन को बढ़ावा देने से व्यापारियों को पारदर्शी एवं सुरक्षित भुगतान व्यवस्था का लाभ मिलता है। महोत्सव में उत्कृष्ट कार्य करने वाले स्ट्रीट वेंडरों को सम्मानित भी किया गया। इस दौरान ऐसे लाभार्थियों को विशेष रूप से प्रोत्साहित किया गया जिन्होंने समय पर ऋण अदायगी कर योजना के उद्देश्यों को सफल बनाने में योगदान दिया है। कार्यक्रम में उपस्थित लाभार्थियों ने भी योजना से प्राप्त लाभों को साझा करते हुए बताया कि ऋण सहायता मिलने से उनके व्यवसाय को नई गति मिली है और उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार हुआ है। कार्यक्रम में शहर मिशन प्रबंधक रामसजीवन, सामुदायिक आयोजक विकास कुमार चौरसिया, नगर पालिका के सभासदगण सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे। सभी ने स्ट्रीट वेंडरों को योजना का अधिकतम लाभ लेने, स्वच्छता बनाए रखने, जल संरक्षण को बढ़ावा देने तथा डिजिटल भुगतान को अपनाकर आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में अपनी सहभागिता सुनिश्चित करने का संदेश दिया। पीएम स्वनिधि योजना के छह वर्ष पूरे होने पर आयोजित यह महोत्सव छोटे व्यापारियों के लिए जागरूकता, सम्मान और आर्थिक सशक्तिकरण का मंच बनकर उभरा।












