भारत सरकार द्वारा चार कीटनाशकों के उपयोग पर लगाई रोक

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श्रावस्ती। जिलाधिकारी कृतिका शर्मा के निर्देश पर जिला कृषि अधिकारी/प्रभारी जिला कृषि रक्षा अधिकारी अनिल प्रसाद मिश्र ने बताया है कि रासायनिक कीटनाशकों के इस्तेमाल से उपज की गुणवत्ता गिरने का खतरा बना रहता है। वहीं कुछ कीटनाशक हमारी सेहत के लिए जानलेवा भी साबित होते हैं। यही कारण है कि भारत सरकार ने कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय, कृषि, सहकारिता एवं किसान कल्याण विभाग के गजट के द्वारा चार कीटनाशी रसायनों यथा, डिकोफोल डिनोकैप, मिथोमाइल एवं मोनोक्रोटोफोस को प्रतिषिद्ध किया गया है। साथ ही कतिपय कीटनाशी रसायन यथा, कार्बोफ्यूरान, मैलाथियान, क्यूनालफोस, मैंकोजेब, आक्सीफ्यूरोफेन, डिमेथोएट एवं क्लोरपायरिफोस के अनुमोदित उपयोग से फसलों के नाम को हटाया गया है।
उन्होने जनपद के किसानों को सलाह दी है कि इन रसायनों के विकल्प के रूप में नीम ऑयल, ब्यूवेरिया बेसियाना एवं ट्राईकोग्रामा कार्ड का प्रयोग करके कीटों की रोकथाम में और ट्राइकोडर्मा एवं स्यूडोमोनास का प्रयोग करके रोगों की रोकथाम कर सकते हैं। यदि किसी दुकानदार के द्वारा प्रतिबंधित कीटनाशक को बिक्री करते हुए पाया जाता हैं तो उसके विरूद्ध कीटनाशी अधिनियम 1968 एवं नियमावली 1971 के अर्न्तगत कार्यवाही की जायेगी।उन्होने बताया कि किसान भाई अपनी फसल में कीट/रोग एंव खरपतवार की समस्या के निदान हेतु कृषि विभाग में अपना पंजीकरण नम्बर अथवा अपना नाम, ग्राम का नाम, विकास खण्ड एंव जनपद का नाम लिखते हुए (कीट/रोग के फोटो के साथ) मोबाइल नम्बर 9452247111 एंव 9452257111 पर एस0एम0एस/व्हाट्सएप भेजें। आपकी समस्या का समाधान 48 घण्टे में आपके मोबाइल पर एस0एम0एस के माध्यम से प्रेषित किया जायेगा। किसान भाई अपने नजदीकी कृषि रक्षा इकाई से भी सम्पर्क करके लगने वाले कीट/रोग से समस्या का समाधान प्राप्त कर सकते है।