श्रावस्ती में धान के खेत में रोता मिला नवजात शिशु: प्रधान ने इलाज को पहुंचाया अस्पताल, चाइल्डलाइन को सौंपा जाएगा शिशु

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श्रावस्ती में एक कलयुगी मां ने अपने ही कलेजे के टुकड़ों को धान के खेत में रोता हुआ छोड़ दिया। पास से निकल रही एक राहगीर महिला ने नवजात बच्चे को उठाकर गले लगाया। वहीं सूचना पर पहुंचे ग्राम प्रधान नवजात को अस्पताल ले गए। साथ ही चाइल्ड लाइन को भी सूचना दी गई है। जानकारी के मुताबिक, मल्हीपुर थाना क्षेत्र के खमरिया गांव की रेशमा अपने भतीजे को इलाज के लिए अस्पताल लेकर जा रही थी। तभी गांव के बाहर एक धान के खेत से किसी बच्चे की चिल्लाने की आवाज महिला को सुनाई दी। इसके बाद महिला रेशमा ने पहुंचकर नवजात शिशु को देखा और उसे अपने गले लगा लिया।

वहीं मामले की सूचना ग्राम प्रधान को दी गई। इसके बाद मौके पर पहुंचे ग्राम प्रधान नवजात को जांच के लिए अस्पताल लेकर गए हैं। साथ ही चाइल्ड लाइन श्रावस्ती को भी मामले की सूचना दी गई है। हालांकि काफी कोशिशों के बावजूद नवजात बच्चे की मां के बारे में कोई जानकारी नहीं हो पाई है। इस तरह गांव के खेत में नवजात शिशु के मिलने के बाद देखने के लिए लोगों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। वहीं लोग तरह-तरह की बातें कर रहे हैं कि आखिर कौन ऐसी निर्दय मां है। जिसने अपने कलेजे के टुकड़े को इस तरह तड़पता छोड़ दिया। फिलहाल नवजात शिशु को चाइल्ड लाइन के सुपुर्द किया जाएगा।

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