बहराइच: तेंदुए को पकड़ने के लिए हाथी से हो रही कांबिंग: शावकों के साथ एक महीने से घूम रही मादा तेंदुआ, कई पुराने पैरोंं के निशान मिले

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बहराइच के खैरीघाट थाना क्षेत्र में हमलावर मादा तेंदुए को पकड़ने के लिए कतर्नियाघाट से दो हाथी बुलाए गए हैं। मादा तेंदुए की तलाश में नालों से लेकर गन्ने के खेत तक कांबिंग में जुटी रही। वन विभाग की टीम ने भी हाथियों की मदद से दुर्गम क्षेत्रों में तेंदुए के पगचिन्हों को तलाशा। कई जगह पगचिन्ह मिले, लेकिन वह पुराने दिखे। खैरीघाट थाना क्षेत्र के ग्राम पंचायत अरनवा, चौकसाहार, डल्लापुरवा के मजरा तेलियन पुरवा, झुंडी, नरायन पुरवा आदि गांवों में 30 दिनों से तेंदुए की दहशत बनी हुई है। तेंदुआ लगातार अपना ठिकाना बदलकर लोगों को मार रहा है। प्रभावित क्षेत्र में गन्ने की फसलें अधिक होने से तेंदुए को खोजने में समस्या हो रही है। वन विभाग ने तेंदुए को पकड़ने के लिए 40 कैमरे व 12 पिंजरे लगाए हैं।

बहराइच, श्रावस्ती, गोंडा सहित छह रेंजों की टीम के लगी हुई है, लेकिन तेंदुआ लगातार चकमा दे रहा है। तेंदुए को पकड़ने के लिए अब अब कतर्नियाघाट से 2 हाथी बुलाये गए हैं। पीलीभीत, कतर्नियाघाट, दुधवा से डॉ. दीपक कुमार, डॉ. दक्ष, डॉ. दया को तेंदुए को ट्रेंकुलाइज करने के लिए बुलाया गया है। जल्द पकड़ा जाएगा तेंदुआ बहराइच डीएफओ संजय ने बताया कि तेंदुए को पकड़ने के लिए तीन हाथियों को लगाया गया है। जल्द तेंदुए को पकड़ लिया जाएगा। ग्रामीणों को ‘समूह में निकलने व रात में बाहर न जाने को लेकर जागरूक किया गया है। तेंदुआ दिखने पर हांका लगाने की जानकारी दी जा रही है।