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राप्ती नदी खतरे के निशान से 30 सेंटीमीटर ऊपर:नेपाल में बारिश से बढ़ी चिंता, श्रावस्ती में तटवर्ती गांवों में बाढ़ का खतरा; बाढ़ चौकियां अलर्ट


श्रावस्ती में राप्ती नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। सोमवार शाम पांच बजे नदी का जलस्तर 128.00 मीटर दर्ज किया गया, जो खतरे के निशान से करीब 30 सेंटीमीटर ऊपर है। रविवार को जलस्तर 127.40 मीटर था। 24 घंटे में नदी के जलस्तर में करीब 60 सेंटीमीटर की बढ़ोतरी से तटवर्ती इलाकों में बाढ़ की आशंका बढ़ गई है। जिले में रुक-रुककर हो रही बारिश और नेपाल के पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार वर्षा को जलस्तर बढ़ने की प्रमुख वजह माना जा रहा है। 24 घंटे में 60 सेंटीमीटर बढ़ा जलस्तर रविवार को राप्ती नदी का जलस्तर 127.40 मीटर दर्ज किया गया था। इसके बाद सोमवार को लगातार बढ़ोतरी होती रही और शाम पांच बजे तक जलस्तर 128 मीटर पहुंच गया। नदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रशासन ने निगरानी बढ़ा दी है। नेपाल के पहाड़ी क्षेत्रों में बारिश जारी रहने पर आने वाले घंटों में नदी का जलस्तर और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। सोमवार शाम पांच बजे के बाद भी जिले में बारिश का दौर जारी रहा। बाढ़ चौकियां अलर्ट, कंट्रोल रूम 24 घंटे सक्रिय राप्ती के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए जिला प्रशासन ने जिले की सभी बाढ़ चौकियों को अलर्ट कर दिया है। बाढ़ कंट्रोल रूम को 24 घंटे सक्रिय रखा गया है। अधिकारियों की ओर से नदी के जलस्तर और बहाव की लगातार निगरानी की जा रही है। प्रशासन निचले इलाकों और नदी किनारे बसे गांवों की स्थिति पर भी नजर रख रहा है, ताकि जलस्तर बढ़ने की स्थिति में समय रहते प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा सके। तटवर्ती गांवों में बढ़ी चिंता राप्ती नदी के किनारे बसे गजोबरी, मोहनपुर भरथा, घाटेपुरवा, सलारू पुरवा, वीरपुर लौकिहा, कथरामाफी, शिकारी, जोगिया, भलुहिया और सेमरानियां समेत कई गांवों में ग्रामीण नदी के जलस्तर और बहाव पर नजर बनाए हुए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यदि नेपाल के पहाड़ी इलाकों में बारिश का सिलसिला जारी रहा तो राप्ती का जलस्तर और बढ़ सकता है। इससे निचले इलाकों में पानी पहुंचने का खतरा बढ़ जाएगा। निचले इलाकों में रहने वालों की बढ़ी चिंता सोमवार शाम तक बारिश जारी रहने के कारण निचले इलाकों में रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ गई है। फिलहाल प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर रखे हुए है। अधिकारियों का कहना है कि नदी के जलस्तर में होने वाले उतार-चढ़ाव की निगरानी की जा रही है और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए बाढ़ चौकियों और कंट्रोल रूम को सक्रिय रखा गया है।

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