Maharashtra Marathi Language News: महाराष्ट्र में पिछले दो सालों में कई बार भाषा विवाद हुआ था। हिंदी को अनिवार्य करने पर तीखा विरोध मनसे और शिवसेना यूबीटी ने किया था। अब सरकार ने राज्य में ऑटो और टैक्सी चलाने वाले ड्राइवरों को मराठी आने पर ही लाइसेंस देने का फैसला किया है। परिवहन मंत्री ने पूरे राज्य में चेकिंग के आदेश जारी किए हैं।
मुंबई: महाराष्ट्र में एक बार फिर से भाषा विवाद खड़ा हो सकता है। राज्य के परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने एक अहम और बड़े फैसले में टैक्सी और ऑटो चालकों के लिए मराठी अनिवार्या करने का निर्णय लिया है। सरनाईक के अनुसार मुंबई समेत पूरे महाराष्ट्र में यह फैसला 1 मई से लागू होगा। 1 मई को गुजरात और महाराष्ट्र अपना स्थापना दिवस मनाते हैं। मुंबई समेत पूरे मुंबई मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र (MMR) में बड़ी संख्या ऐसे टैक्सी और ऑटो चालकों की है जो मराठी नहीं बाेल पाते हैं। महाराष्ट्र और खासकर मुंबई में ऑटो और टैक्सी चलाने वालों में उत्तर भारतीयों की संख्या काफी है। सरकार का यह आदेश कुछ
मराठी टेस्ट में फेल तो लाइसेंस होग रद्द
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अगुवाई वाली सरकार में परिवहन मंत्री और एकनाथ शिंदे की अगुवाई वाली शिवसेना के विधायक प्रताप सरनाईक ने कहा है कि महाराष्ट्र में 1 मई से टैक्सी और ऑटो ड्राइवरों के लिए मराठी जरूरी होगी। एक ऑफिशियल बयान में कहा गया है कि ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट राज्य के 59 रीजनल और सब-रीजनल ऑफिस के जरिए एक स्पेशल इंस्पेक्शन ड्राइव चलाएगा। इसमें अधिकारी यह चेक करेंगे कि ड्राइवर मराठी पढ़ और लिख सकते हैं या नहीं। जो लोग यह जरूरत पूरी नहीं कर पाते हैं, उनके लाइसेंस कैंसल हो सकते हैं।
पहले से मौजूद है नियम
परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक के मुताबिक ड्राइवरों को लाइसेंस देते समय लोकल भाषा का ज्ञान हमेशा से एक नियम रहा है। उन्होंने कहा कि हाल के सालों में शिकायतें बढ़ी हैं, खासकर मुंबई, नागपुर और छत्रपति संभाजीनगर जैसे शहरों में काफी मामले सामने आए हैं। इसमें यात्रियों ने बताया है कि कई ड्राइवर मराठी में बात नहीं कर पाते या करना नहीं चाहते। सरनाईक ने कहा कि किसी खास इलाके में काम करने वाले किसी भी व्यक्ति के लिए लोकल भाषा सीखना एक जिम्मेदारी है।












