*अग्निशमन सेवा शहीद स्मृति दिवस* के अवसर पर फायर सर्विस बलरामपुर में श्रद्धांजलि कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का नेतृत्व *FSSO श्री अंकित कुमार* द्वारा किया गया। इस अवसर पर ड्यूटी के दौरान अपने प्राणों की आहुति देने वाले वीर फायर कर्मियों को श्रद्धा सुमन अर्पित कर भावभीनी श्रद्धांजलि दी गई। उपस्थित अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए प्रार्थना की तथा उनके अदम्य साहस और कर्तव्यनिष्ठा को नमन किया।

कार्यक्रम के दौरान समस्त उपस्थित अधिकारी/कर्मचारियों को पिन फ्लैग लगाया गया तथा अग्नि सुरक्षा के प्रति आमजन को जागरूक करने के उद्देश्य से जागरूकता रैली का आयोजन किया गया। रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया, जो बलरामपुर नगर से विभिन्न प्रमुख मार्गों से होकर गुजरी।
रैली के माध्यम से आमजन को अग्नि दुर्घटनाओं से बचाव, अग्नि सुरक्षा उपकरणों के उपयोग तथा आपात स्थिति में अपनाए जाने वाले उपायों के संबंध में जागरूक किया गया। साथ ही लोगों से अपील की गई कि वे अग्नि सुरक्षा के नियमों का पालन करें और किसी भी आपात स्थिति में तत्काल फायर सर्विस को सूचना दें।
*क्यों मनाया जाता है अग्निशमन दिवस ?-*
14 अप्रैल, 1944 को मुम्बई बंदरगाह पर एक भयानक और दर्दनाक हादसा हुआ । मुम्बई बंदरगाह पर फोर्ट स्टीकेन नामक मालवाहक जहाज खड़ा था । मालवाहक जहाज में रूई की गांठें, बिस्फोटक सामग्री एवं युद्ध उपकरण भरे हुए थे, उसमें अकस्मात भयानक आग लग गयी । मुम्बई के अग्निशमन दल के जवान आग को बुझाने की लगातार कोशिश कर रहे थे इसी वक़्त आग बुझाते समय जहाज में विस्फोटक सामग्री होने के कारण भयानक विस्फोट हुआ और मुम्बई नगरी ही नहीं पुरा देश हिल गया क्योंकि आग बुझाने वाले दमकल के 66 अग्निशमन कर्मी आग की लपेट में आकर वीरगति को प्राप्त हुए थे । इन बहादुर अग्निशमन कर्मियों की स्मृति में प्रत्येक वर्ष 14 अप्रैल को अग्निशमन दिवस (फायर डे) मनाया जाता है और 14 अप्रैल से 20 अप्रैल तक अग्निशमन दल द्वारा अग्नि सुरक्षा सप्ताह मनाया जाता है जिसमें शहीद जवानों को श्रद्धांजलि दी जाती है, फायर सेफ्टी की शपथ ली जाती है व जागरुकता कार्यक्रम आयोजित किए जाते है ।
कार्यक्रम के अंत में FSSO श्री अंकित कुमार ने सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों से कर्तव्यनिष्ठा, तत्परता एवं सेवा भावना के साथ कार्य करने का आह्वान किया, ताकि जनपद में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाया जा सके।












