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अम्बेडकर जयंती पर 20 टीबी मरीजों को मिली पोषण पोटली:श्रावस्ती में जिलाधिकारी ने बाबा साहब को श्रद्धांजलि दी, संविधान के महत्व पर जोर दिया


श्रावस्ती में भारत रत्न डॉ. भीमराव अम्बेडकर की जयंती मनाई गई। जिला मुख्यालय पर आयोजित कार्यक्रम में जिलाधिकारी अश्विनी कुमार पाण्डेय और अपर जिलाधिकारी अमरेन्द्र कुमार वर्मा सहित अन्य अधिकारियों-कर्मचारियों ने कलेक्ट्रेट सभागार में बाबा साहब के चित्र पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर जिलाधिकारी ने 20 टीबी मरीजों को पोषण पोटली भी वितरित की। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी अश्विनी कुमार पाण्डेय ने डॉ. भीमराव अम्बेडकर के जीवन पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि बाबा साहब का जन्म 14 अप्रैल 1891 को मध्य प्रदेश के महू गांव में हुआ था। उनका जीवन संघर्ष, सत्यनिष्ठा और वंचित वर्ग के प्रति करुणा का प्रतीक था। जिलाधिकारी ने कहा कि अम्बेडकर का उद्देश्य समाज के प्रत्येक व्यक्ति को समान अधिकार दिलाना और सभी को शिक्षित बनाना था। जिलाधिकारी ने आगे कहा कि डॉ. अम्बेडकर ने सामाजिक समानता और न्याय के लिए आजीवन संघर्ष किया। उन्होंने अस्पृश्यता और भेदभाव का कड़ा विरोध किया और भारतीय संविधान के निर्माण में ऐतिहासिक योगदान दिया। उनके प्रयासों से संविधान के माध्यम से समाज के हर वर्ग और जाति को समान दर्जा मिला है। उन्होंने उपस्थित अधिकारियों और कर्मचारियों से अपने दायित्वों का समय पर और ईमानदारी से निर्वहन करने का आह्वान भी किया। डॉ. अम्बेडकर के जीवन और उनकी पुस्तकों का अध्ययन आवश्यक अपर जिलाधिकारी अमरेन्द्र कुमार वर्मा ने डॉ. अम्बेडकर के जन्मदिवस पर शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि संविधान ने प्रत्येक नागरिक को समता का अधिकार देकर देश को एक मजबूत आधार प्रदान किया है। वर्मा ने यह भी कहा कि एक अच्छे लोकसेवक और जिम्मेदार नागरिक बनने के लिए डॉ. अम्बेडकर के जीवन और उनकी पुस्तकों का अध्ययन आवश्यक है। अपर जिलाधिकारी न्यायिक ने बताया कि डॉ. अम्बेडकर संविधान की प्रारूप समिति के अध्यक्ष थे। उनके नेतृत्व में ऐसा संविधान बना जो “विविधता में एकता” के भारतीय मूल्य को साकार करता है। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि भारत को एक सशक्त राष्ट्र के रूप में स्थापित करने में संविधान की महत्वपूर्ण भूमिका है। इस कार्यक्रम में अन्य अधिकारियों ने भी डॉ. अम्बेडकर के जीवन, संघर्ष और विचारों पर अपने विचार व्यक्त किए।

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