62वीं वाहिनी, सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी), भिनगा में बैसाखी पर्व के उपलक्ष्य में श्री अमरेन्द्र कुमार वरुण कमांडेंट 62वीं वाहिनी के कुशल नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में वाहिनी के वरिष्ठ अधिकारी अधीनस्थ अधिकारी एवं जवानों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
कार्यक्रम का शुभारंभ पारंपरिक विधि से दीप प्रज्वलन एवं खालसा पंथ के संस्थापक एवं सीखों के दसवें गुरु, गुरु गोबिंद सिंह जी के चित्र पर माल्यार्पण व पुष्प अर्पित कर उन्हें याद किया ।
इस दौरान उपस्थित सभी कार्मिकों ने उनके आदर्शों को आत्मसात करने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम के अगले चरण में गुरु गोविन्द सिंह के जीवन, उनके अदम्य साहस, त्याग, बलिदान एवं धर्म और राष्ट्र की रक्षा हेतु किए गए संघर्षों पर आधारित एक प्रेरणादायक लघु फिल्म का प्रदर्शन किया गया। इस लघु फिल्म ने उपस्थित सभी कार्मिकों के भीतर देशभक्ति, कर्तव्यनिष्ठा एवं राष्ट्र सेवा की भावना को और अधिक प्रबल बना दिया ।
कमांडेंट श्री अमरेन्द्र कुमार वरुण ने बैसाखी पर्व के ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह पर्व न केवल फसल कटाई का उत्सव है, बल्कि साहस, त्याग और धर्म की रक्षा के संकल्प का भी प्रतीक है। उन्होंने बताया कि गुरु गोविन्द सिंह द्वारा स्थापित खालसा पंथ हमें सत्य, न्याय एवं राष्ट्र की सेवा के लिए सदैव तत्पर रहने की प्रेरणा देता है। उन्होंने सभी जवानों से अपील की कि वे इन आदर्शों को अपने जीवन में अपनाते हुए देश की सीमाओं की सुरक्षा में पूर्ण समर्पण के साथ अपना दायित्व निभाएं।
कार्यक्रम का समापन राष्ट्र की एकता, अखंडता एवं सुरक्षा के प्रति पूर्ण निष्ठा एवं समर्पण के संकल्प के साथ किया गया।
विषय :-62वीं वाहिनी एसएसबी, भिनगा में बैसाखी पर्व के दिन जवानों ने लिया राष्ट्र सेवा का संकल्प |*
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