लखनऊ। राजधानी के मोहनलालगंज थाना क्षेत्र में पुलिस ने गैंगस्टर एक्ट के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए संगठित धोखाधड़ी करने वाले गिरोह की करीब 5.78 करोड़ रुपये की संपत्ति कुर्क कर ली है। इस कार्रवाई से रियल एस्टेट के नाम पर ठगी करने वाले गिरोह पर बड़ा शिकंजा कसा गया है।
यह कार्रवाई पुलिस आयुक्त Amrendra Kumar Sengar के निर्देश पर चलाए जा रहे अपराध विरोधी अभियान के तहत की गई। संयुक्त पुलिस आयुक्त (कानून-व्यवस्था) बबलू कुमार, पुलिस उपायुक्त (दक्षिणी) अमित कुमार आनंद और अन्य अधिकारियों के निर्देशन में थाना मोहनलालगंज व नगराम पुलिस तथा राजस्व टीम ने संयुक्त रूप से इस ऑपरेशन को अंजाम दिया।
पुलिस के अनुसार, गैंग लीडर प्रमोद कुमार उपाध्याय और उसके सहयोगियों ने संगठित तरीके से लोगों को रियल एस्टेट के नाम पर ठगा। आरोपियों ने खुद को बड़ी कंपनियों का प्रतिनिधि बताकर फर्जी या विवादित जमीन दिखाकर लोगों से प्लॉट के नाम पर पैसे ऐंठे। बाद में पीड़ितों को पता चलता था कि जमीन या तो अस्तित्व में नहीं है या आरोपियों के नाम नहीं है।
जांच में यह भी सामने आया कि गिरोह विशेष रूप से सेना और अर्द्धसैनिक बल के कर्मियों को निशाना बनाता था, क्योंकि वे ड्यूटी के चलते जमीन का बार-बार निरीक्षण नहीं कर पाते थे। इस स्थिति का फायदा उठाकर आरोपियों ने कई लोगों को ठगी का शिकार बनाया।
पुलिस ने न्यायालय के आदेश के तहत ओमेक्स सिटी स्थित प्लॉट और अर्धनिर्मित मकान समेत करोड़ों की अचल संपत्ति को कुर्क किया है। इसके अलावा लग्जरी वाहन—टोयोटा इनोवा, मारुति स्विफ्ट और महिंद्रा बोलेरो—को भी जब्त किया गया है।
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, वर्ष 2020 से अब तक आरोपियों के खिलाफ लखनऊ के विभिन्न थानों में कुल 66 मुकदमे दर्ज हैं, जिनमें धोखाधड़ी, आपराधिक षड्यंत्र और हत्या के प्रयास जैसे गंभीर अपराध शामिल हैं।
पुलिस ने कुर्क संपत्तियों पर विधिक प्रक्रिया के तहत नोटिस चस्पा कर दिया है और स्पष्ट किया है कि अब ये संपत्तियां न्यायालय के अधीन रहेंगी। अन्य संपत्तियों की कुर्की की कार्रवाई भी जल्द पूरी की जाएगी।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि संगठित अपराध और आर्थिक ठगी करने वालों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा और आम जनता के हितों की रक्षा के लिए सख्त कदम उठाए जाते रहेंगे।












