खेसरहा ब्लॉक के ऐचनी गांव में 16 अप्रैल 2026 को टीबी जांच शिविर आयोजित किया गया। स्वास्थ्य विभाग ने ‘टीबी मुक्त भारत अभियान’ के तहत हैंड होल्ड एक्स-रे कैंप लगाया। इसका उद्देश्य टीबी रोगियों की समय पर पहचान कर उनका शीघ्र उपचार सुनिश्चित करना था। शिविर का उद्घाटन ऐचनी के ग्राम प्रधान ने किया। इसमें बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने भाग लिया। कुल 91 मरीजों की एक्स-रे से स्क्रीनिंग की गई, जिनमें से 7 में टीबी के संभावित लक्षण मिले। इन सभी संदिग्ध मरीजों को आगे की जांच और उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) खेसरहा रेफर किया गया है। इस दौरान लैब टेक्नीशियन हरिवंश मिश्रा, एक्स-रे टेक्नीशियन गिरिजा शंकर तिवारी, सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी (सीएचओ) अंजली पांडे और वार्ड बॉय मुकेश सहित अन्य स्वास्थ्यकर्मी मौजूद रहे। टीम ने ग्रामीणों को टीबी के लक्षण, बचाव और उपचार के बारे में जागरूक भी किया। सीएचसी अधीक्षक डॉ. सुजीत कुमार पांडे ने बताया कि सरकार के ‘टीबी मुक्त भारत अभियान’ के तहत ऐसे शिविर लगातार आयोजित किए जा रहे हैं। उन्होंने जोर दिया कि टीबी एक संक्रामक रोग है, लेकिन समय पर पहचान और नियमित इलाज से इसे पूरी तरह ठीक किया जा सकता है। डॉ. पांडे ने लोगों से लगातार खांसी, वजन कम होने या बुखार जैसे लक्षण दिखने पर तुरंत जांच कराने की अपील की। स्वास्थ्य विभाग की इस पहल से क्षेत्र में टीबी नियंत्रण के प्रति जागरूकता बढ़ी है। इससे मरीजों की समय पर पहचान संभव हो पा रही है, जो भविष्य में टीबी उन्मूलन के लक्ष्य को प्राप्त करने में सहायक होगा।
गांव-गांव पहुंची टीबी जांच मशीन:ऐचनी में 91 लोगों की स्क्रीनिंग में सामने आए 7 संभावित रोगी, डॉ. सुजीत बोले- घबराएं नहीं, समय पर इलाज ही बचाव
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