शनिवार को बयारा डुमरियागंज स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) बेवा में टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत 100 दिवसीय सघन अभियान को सफल बनाने के लिए एक बैठक आयोजित की गई। अधीक्षक डॉ. विकास चौधरी की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में टीबी प्रशिक्षकों, सीएचओ और टीबी चैंपियनों ने भाग लिया। बैठक का मुख्य उद्देश्य वर्ष 2026 तक क्षय रोग (टीबी) को जड़ से खत्म करना और मरीजों की शीघ्र पहचान सुनिश्चित करना है। यह अभियान टीबी उन्मूलन के प्रयासों को गति देने के लिए चलाया जा रहा है। डॉ. विकास चौधरी ने बताया कि 100 दिवसीय सघन अभियान के लिए एक विस्तृत रूपरेखा तैयार की गई है। इसके तहत उच्च जोखिम वाले गांवों में स्वास्थ्य शिविर आयोजित करने का निर्णय लिया गया है, ताकि अधिक से अधिक लोगों तक पहुंच बनाई जा सके। टीबी चैंपियनों और स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को निर्देश दिए गए हैं कि वे ग्राम सभाओं, टीकाकरण स्थलों, स्कूलों और सार्वजनिक चौराहों पर संभावित टीबी मरीजों की पहचान करें। साथ ही, समुदाय स्तर पर टीबी के लक्षणों (जैसे दो सप्ताह से अधिक खांसी) और इसके उपचार के प्रति जागरूकता बढ़ाने पर भी जोर दिया गया। मरीजों को मिलने वाली पोषण सहायता के बारे में भी जानकारी दी गई। नि-क्षय पोर्टल के माध्यम से यह सहायता 500 रुपये से बढ़ाकर 1,000 रुपये प्रति माह कर दी गई है, जो इलाज की पूरी अवधि तक प्रदान की जाएगी। यह 100 दिवसीय अभियान 24 मार्च 2026 से 01 जुलाई 2026 तक चलेगा। इस अवसर पर मोहम्मद शाकिब, सुखदेव, राजेश कुमार और दुर्गेश कुमार सहित कई अन्य लोग उपस्थित रहे।
बेवा सीएचसी पर टीबी मुक्त अभियान की बैठक:प्रशिक्षकों, सीएचओ और टीबी चैंपियनों ने भाग लिया, 2026 तक जड़ से खत्म करने का लक्ष्य
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