HomeHealth & Fitnessजय परशुराम’ के जयकारों से गूंजा कौशाम्बी: आस्था, शौर्य और सांस्कृतिक एकता...

जय परशुराम’ के जयकारों से गूंजा कौशाम्बी: आस्था, शौर्य और सांस्कृतिक एकता का भव्य संगम

Screenshot_20260419_213132_Gallery

कौशाम्बी। भगवान विष्णु के छठे अवतार भगवान परशुराम का जन्मोत्सव रविवार को जनपद कौशाम्बी में श्रद्धा, उल्लास और भव्यता के साथ मनाया गया। सराय अकील से लेकर जिला मुख्यालय मंझनपुर तक आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। “जय परशुराम” के गगनभेदी जयकारों से पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया।सराय अकील नगर पंचायत के करन चौराहा पर पूर्व ब्लाक प्रमुख धर्मेंद्र पांडे की अगुवाई में विशाल आयोजन हुआ, जिसमें हजारों श्रद्धालुओं ने भाग लिया। इस अवसर पर आयोजित सभा में वक्ताओं ने भगवान परशुराम के तप, पराक्रम और शौर्य का स्मरण करते हुए उन्हें सनातन परंपरा का प्रेरणास्रोत बताया।वक्ताओं ने कहा कि भगवान परशुराम का जन्म वैशाख मास की अक्षय तृतीया को त्रेता युग में हुआ और वे चिरंजीवी माने जाते हैं, जो हर युग में धर्म और न्याय की प्रेरणा देते रहे हैं।सभा के उपरांत डीजे की धुन और जोशीले गीतों के बीच भव्य शोभायात्रा निकाली गई। श्रद्धालु हाथों में भगवान परशुराम के चित्र लेकर जयकारे लगाते हुए आगे बढ़ते रहे। कुछ श्रद्धालु पारंपरिक शस्त्र—तलवार और परशु—के साथ शामिल हुए, जिसने यात्रा को और आकर्षक बना दिया।शोभायात्रा में सजी आकर्षक झांकियां लोगों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहीं। ढोल-नगाड़ों की गूंज और लहराते भगवा ध्वजों के बीच युवाओं, महिलाओं और बच्चों की सक्रिय भागीदारी ने माहौल को जीवंत बना दिया।यात्रा मार्ग में जगह-जगह पुष्पवर्षा कर स्वागत किया गया, वहीं कई स्थानों पर जलपान और प्रसाद वितरण की व्यवस्था की गई, जिसने सामाजिक समरसता और भाईचारे का संदेश दिया। सुरक्षा के मद्देनजर प्रशासन द्वारा कड़े इंतजाम भी किए गए थे।जिला मुख्यालय मंझनपुर में ब्राह्मण समाज के अध्यक्ष सोमनाथ मिश्रा के नेतृत्व में भव्य शोभायात्रा निकाली गई। जिला पंचायत चौराहा पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु एकत्र हुए। दुर्गा देवी संस्कृत विद्यालय के 51 बटुक पीले वस्त्र धारण कर वैदिक मंत्रोच्चार करते हुए शोभायात्रा में शामिल हुए, जो आकर्षण का प्रमुख केंद्र रहे।चौराहे से मॉडल पार्क तक निकली शोभायात्रा में शंख, घंटा और घड़ियाल की गूंज ने पूरे वातावरण को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया। मार्ग में श्रद्धालुओं द्वारा पुष्पवर्षा कर स्वागत किया गया। मॉडल पार्क पहुंचकर भगवान परशुराम की मूर्ति का विधिवत पूजन, माल्यार्पण और स्वस्तिवाचन मंत्रों के साथ कार्यक्रम सम्पन्न हुआ।कार्यक्रम के उपरांत आयोजित ब्राह्मण गोष्ठी में वक्ताओं ने सामाजिक एकजुटता और अधिकारों पर जोर दिया। एडवोकेट राम प्रकाश मिश्रा ने समाज की उपेक्षा पर चिंता जताई, वहीं प्रभारी सोम प्रकाश मिश्रा ने हर संघर्ष में साथ खड़े रहने का भरोसा दिलाया।पूर्व प्रमुख वीरेन्द्र नारायण शुक्ल ने संगठन की सराहना करते हुए एकता को सबसे बड़ी शक्ति बताया। रमाकांत तिवारी ने परंपरागत मूल्यों को अपनाने की अपील की, जबकि अवनीश तिवारी ने समाज के कमजोर वर्ग की सहायता पर बल दिया।पूरे जिले में मनाए गए इस उत्सव ने न सिर्फ धार्मिक आस्था को सशक्त किया, बल्कि सामाजिक एकता, सांस्कृतिक गौरव और भाईचारे का भी संदेश दिया। एक दिन के लिए कौशाम्बी श्रद्धा, उत्साह और परंपरा के रंग में पूरी तरह सराबोर नजर आया।

RELATED ARTICLES
- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

Recent Comments