इटवा विकासखंड में शुक्रवार को रोजगार सेवकों ने अपनी मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा। यह ज्ञापन प्रांतीय संघ के आह्वान पर ब्लॉक अध्यक्ष अजय प्रताप मिश्रा के नेतृत्व में एडीओ आईएसबी इटवा को दिया गया, क्योंकि खंड विकास अधिकारी अनुपस्थित थे। रोजगार सेवकों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर जल्द विचार नहीं किया गया, तो प्रदेश स्तर पर बड़े पैमाने पर धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। ब्लॉक संगठन मंत्री राम रतन मौर्य ने कहा कि रोजगार सेवकों के अधिकारों का लगातार हनन हो रहा है और सरकार की ओर से इस पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। उन्होंने जोर देकर कहा कि यदि समस्याओं का समाधान नहीं हुआ, तो संगठन आंदोलन के लिए मजबूर होगा। ब्लॉक मंत्री राम निरंजन ने बताया कि बकाया मानदेय और ईपीएफ को लेकर पहले भी पत्र सौंपा जा चुका है, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। इस अनदेखी से नाराज रोजगार सेवकों ने अपनी मांगों को लेकर एक बार फिर आवाज उठाई और ‘आर-पार की लड़ाई’ की चेतावनी दी। कोषाध्यक्ष पवन विश्वकर्मा ने आरोप लगाया कि सरकार रोजगार सेवकों के साथ सौतेला व्यवहार कर रही है, जिससे उनके परिवारों के भरण-पोषण में संकट आ रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि किसी रोजगार सेवक के साथ कोई अप्रिय घटना होती है, तो उसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी। इस बैठक में विभिन्न न्याय पंचायतों के प्रतिनिधियों ने भी अपने विचार व्यक्त किए। इस दौरान सुनील कुमार, महेंद्र कुमार, अमित पांडेय, संतराम यादव, आज्ञाराम और जय प्रकाश साहू सहित कई अन्य रोजगार सेवक उपस्थित रहे।
इटवा में रोजगार सेवकों ने सौंपा ज्ञापन:प्रांतीय नेतृत्व के आह्वान पर दी आंदोलन की चेतावनी
RELATED ARTICLES
Recent Comments
on Hello world!












